Edited By Ramanjot, Updated: 29 Nov, 2025 08:16 AM

अररिया जिले के फारबिसगंज थाना क्षेत्र की एक विवाहित महिला ने बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए अररिया व्यवहार न्यायालय का दरवाज़ा खटखटाया है।
Araria Crime News:अररिया जिले के फारबिसगंज थाना क्षेत्र की एक विवाहित महिला ने बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए अररिया व्यवहार न्यायालय का दरवाज़ा खटखटाया है। पीड़िता ने नरपतगंज थाना क्षेत्र के पलासी गांव निवासी मो. आलम आजाद समेत सात लोगों पर अगवा, बंधक बनाकर रखने, शारीरिक उत्पीड़न और धर्म परिवर्तन के दबाव जैसे संगीन आरोप लगाए हैं।
पीड़िता के अनुसार, मुख्य आरोपी ने उसे फोन कर यह झांसा दिया कि उसके पति ने उसे बुलाया है। भरोसा कर जब वह घर से निकली, तभी आरोपी उसे जबरन कार में बैठाकर सुपौल जिले के भीमपुर इलाके में ले गया। वहाँ उसे कई दिनों तक बंधक बनाकर रखा गया।
इसके बाद आरोपी उसे अररिया लेकर आया, जहां जबरदस्ती एक दस्तावेज़ पर हस्ताक्षर कराकर नोटरी करा ली गई। पीड़िता का दावा है कि यह कागज़ात उसे विदेश में बेचने की योजना के तहत तैयार किए गए थे।
महिला का कहना है कि बाद में उसे फिर भीमपुर और फिर पलासी गांव ले जाकर कैद कर दिया गया। आरोप है कि आरोपी और उसके परिजनों ने धर्म परिवर्तन के लिए दबाव डाला, विरोध करने पर मारपीट और धमकियां दीं। यहां तक कि उसे आपत्तिजनक चीज़ें खाने के लिए मजबूर किया गया।
पीड़िता ने बताया कि इसके बाद आरोपी उसे सहरसा ले गया और वहाँ से ट्रेन द्वारा दिल्ली भेज दिया, जहां एक किराए के कमरे में कई दिनों तक कैद रखा गया। इस दौरान उसके बच्चे को मारने की धमकी दी गई।
लंबे उत्पीड़न के बाद किसी तरह वह अपने घर लौट सकी। डर और समाजिक बदनामी के चलते पहले चुप रही, लेकिन अब पति के सहयोग से उसने न्यायालय में याचिका दायर कर न्याय की मांग की है।
अदालत में दाखिल आवेदन में आरोपी आलम आजाद के साथ उसके परिजनों और सहयोगियों सहित कुल सात लोगों को नामज़द किया गया है। मामले के सामने आते ही इलाके में सनसनी फैल गई है। क्योंकि आवेदन सीधे कोर्ट में दिया गया है, इसलिए पुलिस ने अभी तक FIR दर्ज नहीं की है। मामले की अगली कार्रवाई न्यायालय के आदेश के बाद होगी।