Edited By Khushi, Updated: 29 Nov, 2025 06:20 PM

Hazaribagh News: अगर प्यार सही इंसान से हो तो जिंदगी जन्नत हो जाती है, लेकिन अगर प्यार किसी गलत इंसान से हो जाए तो पूरी जिंदगी बर्बाद हो जाती है। ऐसी ही कहानी बांग्लादेश के ढाका जिला बोरिसल की रहने वाली मीतू अख्तर बिस्ती की है।
Hazaribagh News: अगर प्यार सही इंसान से हो तो जिंदगी जन्नत हो जाती है, लेकिन अगर प्यार किसी गलत इंसान से हो जाए तो पूरी जिंदगी बर्बाद हो जाती है। ऐसी ही कहानी बांग्लादेश के ढाका जिला बोरिसल की रहने वाली मीतू अख्तर बिस्ती की है।
2023 में अपनाया सनातन धर्म
मीतू ने बताया कि वर्ष 2022 में उसकी फेसबुक पर हजारीबाग जिले के चौपारण प्रखंड के रहने वाले एक युवक से दोस्ती हुई। दोस्ती धीरे-धीरे प्यार में बदल गई। युवक युवती को बांग्लादेश से पहले कोलकाता, फिर मुंबई ले आया। मीतू ने आगे बताया कि मुंबई में हम दोनों एक किराए के कमरे में रहते थे। हमारे पास खाने तक भी पैसे नहीं थे जिसकी वजह से मुझे डांसर बनना पड़ा। मीतू बताती है कि युवक मुस्लिम समुदाय से है जिसकी वजह से उसके परिजनों ने मुझे नहीं अपनाया। फिर जनवरी 2023 में मैंने सनातन धर्म अपना लिया और हमने हिंदू रीति-रिवाज से शादी कर ली।
"मेहनत करने की बजाय पति हर वक्त नशे में रहने लगा"
मीतू ने बताया कि शादी के बाद दोनों फिर मुंबई लौट आए। पति नशे का आदि हो चुका था। मैंने खून-पसीना एक कर अपने पति के लिए गाड़ी खरीदी। मीतू ने बताया कि मेहनत करने की बजाय पति हर वक्त नशे में रहने लगा। इसकी वजह से हमारे बीच लड़ाई-झगड़ा होने लगा। फिर फरवरी 2025 में युवक अपने घर चौपारण जाने की बात कहकर निकला और बोला कि कुछ दिनों में लौट आएगा, लेकिन वह वापस नहीं आया। मीतू ने बताया कि मैंने लगातार फोन किए, घर वालों से बात करनी चाही, लेकिन किसी ने उनका फोन तक नहीं उठाया। कुछ दिनों पहले जब मीतू खुद चौपारण गईं, तो उनके पति और परिजनों ने उन्हें घर से बाहर निकाल दिया।
"मुझे मेरे देश भेज दें, बस मुझे न्याय चाहिए"
मीतू का कहना है कि यह उनके लिए सबसे बड़ा सदमा था, क्योंकि वह सिर्फ अपने पति से मिलने और सच्चाई जानने गई थीं। मीतू ने बताया कि मुंबई में रहने के लिए पैसे खत्म हो चुके हैं। किराया और भोजन की व्यवस्था के लिए मैंने अपनी कानों की बालियां तक बेच दीं। मीतू का कहना है कि वे स्थानीय प्रशासन से कई बार मदद की गुहार लगा चुकी हैं, लेकिन कहीं भी उनकी सुनवाई नहीं हो रही है। वह कहती हैं कि अब वे पूरी तरह टूट चुकी हैं और सिर्फ न्याय चाहती हैं। मीतू ने आखिरी अपील करते हुए कहा, “अगर इन सब में मेरी ही गलती है, तो 3 सालों में जो 15-16 लाख रुपए मैंने अपने पति पर खर्च किए। घर बनाने के लिए, गाड़ी खरीदने के लिए। वही पैसे वापस कर दें। मुझे मेरे देश भेज दें। बस मुझे न्याय चाहिए।