मॉर्निंग वॉक पर निकले रिटायर्ड कस्टम अधिकारी की हत्या, गोलियों की तड़तड़ाहट से दहल उठा बिहार

Edited By Ramanjot, Updated: 15 Oct, 2026 11:10 AM

retired customs officer murdered in bihar

रिपोर्ट्स में चश्मदीदों के हवाले से बताया गया है कि उन्हें आठ गोलियां लगीं। गंभीर रूप से घायल होने के बाद वे मौके पर ही गिर पड़े। सिंह मूल रूप से भोजपुर जिले के बिहिया थाना क्षेत्र के लहंग डुमरिया गांव के रहने वाले थे।

पटना: गुरुवार को बिहार के भोजपुर जिले के आरा में हथियारबंद हमलावरों ने कस्टम विभाग के 71 वर्षीय रिटायर्ड असिस्टेंट कमिश्नर राम कुमार सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी। यह घटना नवादा थाना क्षेत्र के अंतर्गत जैन कॉलेज के पूर्वी गेट के पास कनकपुरी इलाके में हुई।

एक अधिकारी के अनुसार, सिंह को बहुत करीब से गोली मारी गई और उन्हें कई गोलियां लगीं। स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें आरा सदर अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। इस गोलीबारी से इलाके में दहशत फैल गई। स्थानीय लोगों ने कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर गुस्सा और चिंता जताई। राम कुमार सिंह रोज की तरह सुबह की सैर (मॉर्निंग वॉक) पर जाने की तैयारी कर रहे थे, तभी उन पर हमला हुआ। उन्होंने अपनी मोटरसाइकिल घर से बाहर निकाली थी और गेट पर ताला लगा रहे थे, तभी हथियारबंद हमलावर वहां पहुंचे और फायरिंग कर दी।

रिपोर्ट्स में चश्मदीदों के हवाले से बताया गया है कि उन्हें आठ गोलियां लगीं। गंभीर रूप से घायल होने के बाद वे मौके पर ही गिर पड़े। सिंह मूल रूप से भोजपुर जिले के बिहिया थाना क्षेत्र के लहंग डुमरिया गांव के रहने वाले थे। उनके पिता का नाम स्वर्गीय हरवंश सिंह था। घटना के समय वे आरा के कनकपुरी स्थित अपने घर में रह रहे थे। गोलीबारी की सूचना मिलने के बाद, सदर SDPO-1 सुशील कुमार, नवादा SHO कुमार रजनीकांत और जिला खुफिया इकाई (DIU) की एक टीम मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। घटनास्थल की जांच करने और सबूत इकट्ठा करने के लिए फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीम को भी बुलाया गया। जांचकर्ता हत्या के पीछे के मकसद का पता लगाने और इसके लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान करने में जुटे हैं। 

ताजा जानकारी के अनुसार, पुलिस ने अभी तक सार्वजनिक रूप से हत्या के मकसद का खुलासा नहीं किया है और न ही संदिग्धों की पहचान की है। सिंह 'शाहाबाद क्षत्रिय महासभा' के प्रदेश अध्यक्ष के रूप में भी काम कर चुके थे। वे आरा नगर रामलीला समिति ट्रस्ट के ट्रस्टी और भोजपुर में सनातनी गंगा फाउंडेशन के कार्यकारी सदस्य भी थे। इसके अलावा, वे रेड क्रॉस सोसाइटी और रोटरी क्लब से भी जुड़े हुए थे। सरकारी सेवा से रिटायर होने के बाद भी, वे सामाजिक और सामुदायिक कार्यों में सक्रिय रहे। उनकी हत्या की खबर से उनके साथियों और स्थानीय निवासियों को गहरा सदमा लगा है। इस घटना के बाद, स्थानीय लोगों ने भारी आक्रोश जताया और इलाके की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए, खासकर इसलिए क्योंकि यह हमला सुबह के समय सिंह के घर के पास हुआ था। उन्होंने दोषियों की तुरंत गिरफ्तारी की मांग की है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। अधिकारी सबूतों की जांच कर रहे हैं और सुरागों का पता लगाने में जुटे हैं, जिसके बाद ही इस बारे में और जानकारी मिल सकेगी।

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