Edited By Ramanjot, Updated: 03 Nov, 2026 10:10 AM

यह अभियान यकृत एवं पित्त विज्ञान संस्थान (आईएलबीएस), नई दिल्ली के तकनीकी सहयोग से सभी 38 जिलों में संचालित होगा। अभियान को गैर-संचारी रोग नियंत्रण कार्यक्रम और आयुष्मान आरोग्य मंदिरों से जोड़ा जाएगा।
पटना: बिहार में फैटी लिवर और गैर-संचारी रोगों की रोकथाम के लिए ‘स्वस्थ लिवर-स्वस्थ बिहार' अभियान चलाया जाएगा, जिसके तहत अगले 18 महीनों में 30 वर्ष से अधिक आयु के करीब 26 लाख लोगों की स्वास्थ्य जांच की जाएगी। स्वास्थ्य मंत्री निशांत की अध्यक्षता में सोमवार को आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में अभियान की तैयारियों पर चर्चा हुई। स्वास्थ्य सचिव कुमार रवि भी बैठक में मौजूद थे।
यह अभियान यकृत एवं पित्त विज्ञान संस्थान (आईएलबीएस), नई दिल्ली के तकनीकी सहयोग से सभी 38 जिलों में संचालित होगा। अभियान को गैर-संचारी रोग नियंत्रण कार्यक्रम और आयुष्मान आरोग्य मंदिरों से जोड़ा जाएगा। आशा कार्यकर्ताओं, एएनएम, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों और जीविका दीदियों के माध्यम से घर-घर जागरूकता और प्रारंभिक जांच की व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए 150 मास्टर ट्रेनरों सहित करीब 25 हजार डॉक्टरों, नर्सों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों को प्रशिक्षित किया जाएगा। अभियान की निगरानी जिला स्तर पर जिलाधिकारी, प्रमंडल स्तर पर आयुक्त और राज्य स्तर पर स्वास्थ्य मंत्री करेंगे।
स्वास्थ्य मंत्री ने अधिकारियों को अभियान प्राथमिकता के आधार पर लागू करने का निर्देश देते हुए कहा कि फैटी लिवर की समय पर पहचान से मधुमेह, उच्च रक्तचाप और हृदय रोग जैसी गंभीर बीमारियों के जोखिम को कम करने में मदद मिलेगी। उन्होंने लोगों को नियमित जांच, संतुलित खानपान और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के प्रति जागरूक करने पर जोर दिया। बैठक में राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक डॉ. नवल किशोर चौधरी सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।