Bihar News: सामूहिक छुट्टी पर गए 69 राजस्व अधिकारियों पर गिरी गाज, सरकार ने मांगा जवाब

Edited By SHUKDEV PRASAD, Updated: 30 Mar, 2026 11:42 PM

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पटना से बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की खबर सामने आई है। बिहार सरकार ने सामूहिक रूप से अवकाश लेकर ड्यूटी से गायब रहने वाले 69 परीक्ष्यमान राजस्व अधिकारियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है।

Bihar News: पटना से बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की खबर सामने आई है। बिहार सरकार ने सामूहिक रूप से अवकाश लेकर ड्यूटी से गायब रहने वाले 69 परीक्ष्यमान राजस्व अधिकारियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की ओर से सभी संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है।

सामूहिक अवकाश घोषित हुआ अवैध

विभाग के उप सचिव संजय कुमार सिंह ने स्पष्ट किया है कि इन अधिकारियों द्वारा लिया गया सामूहिक अवकाश नियमों के खिलाफ है और इसे अवैध माना गया है। सरकार ने इस अवधि को “डाईस नॉन” घोषित किया है, यानी इस दौरान की अनुपस्थिति को सेवा में नहीं जोड़ा जाएगा।

तय समय पर नहीं किया जॉइन, बढ़ी परेशानी

आरोप है कि संबंधित अधिकारियों ने 25 मार्च 2026 की शाम तक भी अपने-अपने पदों पर योगदान नहीं दिया। इस लापरवाही को सरकार ने गंभीर अनुशासनहीनता माना है और इसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।

बर्खास्तगी तक की चेतावनी

जारी नोटिस में साफ कहा गया है कि यह कृत्य न सिर्फ सरकारी आदेशों की अनदेखी है, बल्कि सेवा आचरण नियमों का उल्लंघन भी है। अधिकारियों से पूछा गया है कि उनके खिलाफ सेवा से बर्खास्त करने की कार्रवाई क्यों नहीं की जाए। साथ ही यह चेतावनी भी दी गई है कि यदि 13 अप्रैल 2026 तक जवाब नहीं दिया गया, तो विभाग एकतरफा निर्णय लेते हुए अनुशासनात्मक कार्रवाई करेगा।

किन जिलों के अधिकारी शामिल?

यह कार्रवाई राज्य के 24 जिलों में तैनात अधिकारियों पर की गई है। सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों में गया, रोहतास और मधुबनी शामिल हैं, जहां सबसे अधिक अधिकारी इस मामले में घिरे हैं। इसके अलावा बक्सर, बेगूसराय, कटिहार, मधेपुरा, पूर्वी चंपारण, वैशाली और जमुई समेत कई जिलों के अधिकारी भी कार्रवाई के दायरे में हैं। पटना सहित अन्य जिलों के कुछ अधिकारी भी इस सूची में शामिल हैं, जिससे यह मामला राज्य स्तर पर बड़ा प्रशासनिक मुद्दा बन गया है।

प्रशासनिक सख्ती का बड़ा संकेत

इस कार्रवाई को सरकार की सख्त प्रशासनिक नीति के रूप में देखा जा रहा है। साफ संकेत दिया गया है कि ड्यूटी में लापरवाही और सामूहिक अनुशासनहीनता को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
 

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