Edited By Ramanjot, Updated: 11 Sep, 2026 02:27 PM

आपदा प्रबंधन विभाग (डीएमडी) के शुक्रवार को जारी ताजा बुलेटिन के अनुसार, 15 जिलों के 88 प्रखंडों की 561 ग्राम पंचायतों की 46.88 लाख आबादी बाढ़ से प्रभावित हुई है।
पटना: बिहार और नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में हुई भारी वर्षा के कारण बाढ़ की स्थिति शुक्रवार को भी गंभीर बनी हुई है। राज्य के 15 जिलों के 46.88 लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हैं, जबकि कई नदियां विभिन्न स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।
आपदा प्रबंधन विभाग (डीएमडी) के शुक्रवार को जारी ताजा बुलेटिन के अनुसार, 15 जिलों के 88 प्रखंडों की 561 ग्राम पंचायतों की 46.88 लाख आबादी बाढ़ से प्रभावित हुई है। प्रभावित जिलों में पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय, खगड़िया, पूर्णिया, मधेपुरा और अररिया शामिल हैं। इनमें भागलपुर, पटना, सारण, वैशाली, बेगूसराय, कटिहार, पूर्णिया और बक्सर सबसे अधिक प्रभावित जिलों में से हैं। बिहार मौसम सेवा केंद्र के अनुसार, सितंबर महीने में अब तक राज्य में 90.0 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है, जो सामान्य से 20 प्रतिशत अधिक है।
यह भी पढ़ें- बिहार में दर्दनाक हादसा: बाढ़ के पानी में डूबने से 5 लोगों की मौत, इलाके में पसरा मातम
डीएमडी के अनुसार, भागलपुर के सुल्तानगंज में गंगा का जलस्तर शुक्रवार को सुबह छह बजे 36.62 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान से 2.12 मीटर ऊपर है। हालांकि यहां जलस्तर में कमी आ रही है। खगड़िया, गंगा दीघा, गांधी घाट, हथीदह, भागलपुर, कहलगांव और मुंगेर में, पुनपुन नदी श्रीपालपुर, बागमती बेनीबाद में तथा घाघरा नदी दरौली और गंगपुर सिसवन में खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। विभाग ने बताया कि बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए विभिन्न जिलों में 1,194 सामुदायिक रसोई चलाई जा रही हैं। इसके अलावा 15 राहत शिविर संचालित हैं, जहां 11,255 बाढ़ पीड़ितों के लिए आवास, भोजन, चिकित्सा और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गई है।