Edited By Ramanjot, Updated: 04 Sep, 2026 03:25 PM

डब्ल्यूआरडी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि गंगा किनारे स्थित पटना, भोजपुर, वैशाली, लखीसराय और भागलपुर समेत कई जिलों में बाढ़ जैसी स्थिति है। उन्होंने कहा कि गंगा और कोसी के बढ़ते जलस्तर से निचले इलाकों में रहने वाले लोग प्रभावित हुए हैं।
पटना: नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में और झारखंड में पिछले कुछ दिनों से लगातार बारिश के कारण बिहार में गंगा, गंडक, कोसी, बूढ़ी गंडक, बागमती, पुनपुन और घाघरा नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। राज्य के कई जिलों में बाढ़ जैसी स्थिति को देखते हुए प्रशासन सतर्क है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी शुक्रवार को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण करेंगे तथा राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा के लिए उच्चस्तरीय बैठक करेंगे।

जल संसाधन विभाग अधिकारियों के अनुसार, अभी तक किसी जनहानि की सूचना नहीं है। निचले इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। इनके अनुसार शुक्रवार को पटना, वैशाली, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, भोजपुर, खगड़िया, पूर्णिया, मधेपुरा, सहरसा और कटिहार के कई निचले क्षेत्रों में बाढ़ जैसी स्थिति देखी गई। डब्ल्यूआरडी के बुलेटिन के अनुसार शुक्रवार सुबह छह बजे तक पटना में गंगा नदी दीघा घाट, गांधीघाट, हथीदह और मनेर में खतरे के निशान से ऊपर बह रही थी। इसके अलावा बक्सर, मुंगेर, भागलपुर, कहलगांव और अन्य स्थानों पर भी गंगा खतरे के निशान से ऊपर है। इसी प्रकार पटना के श्रीपालपुर और पुनपुन क्षेत्र में पुनपुन नदी तथा सिवान के दरौली में घाघरा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है।
डब्ल्यूआरडी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि गंगा किनारे स्थित पटना, भोजपुर, वैशाली, लखीसराय और भागलपुर समेत कई जिलों में बाढ़ जैसी स्थिति है। उन्होंने कहा कि गंगा और कोसी के बढ़ते जलस्तर से निचले इलाकों में रहने वाले लोग प्रभावित हुए हैं। अधिकारी ने बताया कि सभी संबंधित अधिकारियों को तटबंधों और संवेदनशील स्थलों पर कड़ी निगरानी रखने तथा किसी भी असामान्य स्थिति की तत्काल सूचना वरिष्ठ अधिकारियों को देने का निर्देश दिया गया है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं, बल्कि सतर्क रहें और बढ़ते जलस्तर तथा संभावित बाढ़ से संबंधित केवल सरकारी निर्देशों का पालन करें।