RJD में दरकिनार तेजप्रताप ने अपने दल को मजबूत करने के उद्देश्य से बनाया समानांतर संगठन

Edited By Nitika, Updated: 08 Sep, 2021 03:20 PM

tej pratap created parallel organization

बिहार की मुख्य विपक्षी पार्टी राजद में कथित रूप से दरकिनार कर दिए गए पार्टी सुप्रीमो लालू प्रसाद के बड़े बेटे तेजप्रताप यादव ने अपने दल को मजबूत करने के उद्देश्य के साथ एक नया छात्र संगठन बनाया है।

 

पटनाः बिहार की मुख्य विपक्षी पार्टी राजद में कथित रूप से दरकिनार कर दिए गए पार्टी सुप्रीमो लालू प्रसाद के बड़े बेटे तेजप्रताप यादव ने अपने दल को मजबूत करने के उद्देश्य के साथ एक नया छात्र संगठन बनाया है।

तेजप्रताप ने 2 दिन पहले छात्र जनशक्ति परिषद का गठन किया था और दावा किया था कि यह राजद की आधिकारिक छात्र शाखा छात्र राजद को कोई चुनौती देने के लिए नहीं है बल्कि ग्राम स्तर पर युवाओं को संगठित करने की दिशा में काम करेगा। राजद के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह के साथ खीचतान में हार के बाद तेजप्रताप ने यह घोषणा की और दावा किया कि उन्हें लालू प्रसाद का आशीर्वाद प्राप्त है। लालू के छोटे पुत्र और उनके राजनीतिक उत्तराधिकारी माने जाने वाले तेजस्वी यादव के करीबी माने जाने वाले जगदानंद ने हाल ही में तेजप्रताप के कुछ करीबी दोस्तों में से एक समझे जाने वाले आकाश यादव को छात्र राजद के प्रदेश अध्यक्ष के पद से बर्खास्त कर दिया था।

हालांकि आकाश यादव को हटाने के कारणों पर कोई आधिकारिक टिप्पणी जगदानंद की ओर से नहीं आई लेकिन यह अटकलें लगाई जा रही हैं कि इसकी वजह हाल ही में उनके (आकाश यादव) द्वारा शहर में लगाए गए एक पोस्टर में तेजस्वी की तस्वीर का नहीं होना था जब अब उन्हें (तेजस्वी यादव को) पार्टी का वास्तविक नेता माना जाता है। अब लोक जनशक्ति पार्टी में शामिल हो गए आकाश यादव को राजद से हटाए जाने पर तेजप्रताप ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए जगदानंद सिंह की तुलना ‘‘हिटलर'' से की थी, जिसके बाद जगदानंद कई दिनों तक पार्टी कार्यालय नहीं आए। बाद में तेजस्वी ने उन्हें समझाया-बुझाया। राजद नेताओं में से कुछ ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि तेजप्रताप ने 2019 के लोकसभा चुनावों के समय उनके साथियों को टिकट से वंचित कर दिए जाने पर इसी प्रकार का एक मोर्चा ‘‘लालू राबड़ी मोर्चा'' बनाया था।

राजद में उत्तराधिकार की इस लड़ाई पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए प्रदेश भाजपा प्रवक्ता निखिल आनंद ने आरोप लगाया, ‘‘ लालू प्रसाद जी ने सामाजिक न्याय का ढिंढोरा तो खूब पीटा लेकिन वे अपने परिवार में ही न्याय नहीं कर सके। पारिवारिक सदस्यों के बीच वरिष्ठता के लिहाज से उन्होंने उनकी सम्मानजनक भूमिका तय नहीं की। अब बड़ी बेटी मीसा भारती जी और बड़े बेटे तेज प्रताप यादव जबरन धकिया कर परिवार और राजनीति के सिस्टम से बाहर कर दिए गए है। परिवार और राजनीति की पूरी विरासत लालूजी ने छोटे बेटे तेजस्वी यादव जी को सौंप दी है। ऐसे में निश्चित तौर पर परिवार के उपेक्षित सदस्यों की कुंठा अभिव्यक्ति तो होनी ही है।'' उन्होंने कहा कि अब जिनके साथ अन्याय हुआ है वे अपने वजूद के लिए संघर्ष तो करेंगे ही, ऐसे में जाहिर सी बात है कि तेज प्रताप यादव इसी कुंठा अभिव्यक्ति के कारण कुछ नई कवायद बार-बार करते नजर आते हैं।

आनंद के अनुसार, तेज प्रताप यादव की पूरी कवायद परिवार में और पार्टी में स्वीकार्यता की है एवं अपना वजूद स्थापित करने की है। निखिल ने आरोप लगाया कि अब जो उन्होंने नया संगठन बनाया है वह छात्रों के नाम से बनाया है लेकिन दुर्भाग्य है कि उन्होंने खुद अच्छी शिक्षा ठीक ढंग से नहीं प्राप्त की।

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