शटडाउन के बाद भी दौड़ा करंट, ट्रांसफार्मर का फाल्ट ठीक कर रहे बिजली कर्मचारी की दर्दनाक मौत, 3 बच्चों के सिर से उठा पिता का साया

Edited By Ramanjot, Updated: 19 Jul, 2026 01:26 PM

electrician dies a tragic death while repairing a transformer fault

घटना के बाद विद्युत खंभे से बिजली मिस्त्री का शव उतारने आए कर्मियों को परिजनों ने चार घंटे तक रोके रखा। विद्युत विभाग के सीनियर पदाधिकारियों के मौके पर आने के बाद ही शव उतारने पर अड़ गए।

Jharkhand News: झारखंड में पलामू जिले के तरहसी प्रखंड के सेलारी गांव के सुखरो टोला में शनिवार देर शाम तीन ट्रांसफार्मर का विद्युत फाल्ट ठीक कर रहे एक बिजली मिस्त्री की 11 हजार हाइटेंशन तार में सटकर दर्दनाक मौत हो गई। शटडाउन लेकर बिजली पोल पर चढ़ने के बाद वावजूद उसे जोरदार करंट लगा, जिससे पोल पर ही उसने दम तोड़ दिया। बिजली काटे जाने के बाद भी उसे रिटर्निंग करंट कैसे लगी? इसकी जांच शुरू कर दी गई है।

परिवार का रो-रोकर बुरा हाल
घटना के बाद विद्युत खंभे से बिजली मिस्त्री का शव उतारने आए कर्मियों को परिजनों ने चार घंटे तक रोके रखा। विद्युत विभाग के सीनियर पदाधिकारियों के मौके पर आने के बाद ही शव उतारने पर अड़ गए। इस दौरान घटनास्थल पर लोगों की भीड़ लगी रही। तरहसी थाना पुलिस की भी मौजूदगी रही। बिजली मिस्त्री की पहचान तरहसी थाना क्षेत्र के परसावा निवासी 35 वर्षीय सत्येन्द्र महतो पिता रामलगन महतो के रूप में हुई है। सत्येन्द्र पिछले सात-आठ साल से अनुबंध पर कार्यरत थे। उनके तीन बच्चे हैं। घटना के बाद से परिजनों का रो रो कर बुरा हाल है। रविवार को शव का पोस्टमार्टम मेदिनी राय मेडिकल कॉलेज अस्पताल में किया जाएगा।

परिजनों ने पोल पर से शव उतारने से रोका
पुलिस सूत्रों ने आज यहां बताया कि सुखरो टोला में पिछले एक सप्ताह से बिजली नहीं जल रही थी। इसकी जानकारी मिलने पर सत्येन्द्र महतो को ट्रांसफर की बिजली फाल्ट ठीक करने के लिए भेजा गया था। उनके साथ दो-तीन कर्मी और थे। सत्येन्द्र महतो फाल्ट को ठीक कर रहे थे कि अचानक उन्हें 11 वोल्ट से जोरदार करंट लगा एवं वहीं पर सटकर रह गए। आरोप है कि घटना के बाद सत्येन्द्र के साथ आए कर्मी मौके से भाग गए। कुछ देर बाद विभाग को घटना की जानकारी हुई। परिजन भी सूचना मिलने पर मौके पर पहुंच गए। रात नौ बजे कर्मी सत्येन्द्र महतो का शव उतारने के लिए पोल पर चढने लगे तो परिजनों ने उन्हें रोक दिया एवं सहायक अभियंता या उनसे बड़े अधिकारी के मौके पर आने के बाद ही शव उतारने की मांग की। काफी समझाने के बाद भी परिजन अपनी मांग पर अड़े रहे। परिजनों ने सरकारी प्रावधान के तहत मुआवजा एवं नौकरी की मांग की। 

घटना की जानकारी मिलने पर विभाग के जूनियर इंजीनियर, तरहसी के अंचल अधिकारी हरिश्चन्द्र मुंडा, आजाद समाज पार्टी के नेता मुमताज खां मौके पर पहुंचे और परिजनों को काफी समझाया। सहमति बनने पर रात 11 बजे शव नीचे उतारा गया। मौके पर जूनियर इंजीनियर ने विभागीय प्रावधान के तहत पांच लाख मुआवजा देने की घोषणा की। 10 हजार रुपए दाह संस्कार के लिए दिया। अन्य सरकारी लाभ दिलाने का आश्वासन दिया। इधर सहायक अभियंता विकास कुमार ने रविवार सुबह आठ बजे जानकारी दी कि शटडाउन लेने के बाद भी बिजली मिस्त्री को करंट कैसे लगी, इसकी जांच की जा रही है। नौकरी देने के मामले में जेई से बात कर निर्णय लिया जाएगा। 

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