Edited By Harman, Updated: 02 Apr, 2026 02:23 PM

विभाग की ओर से भेजे गए पत्र में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि नीतीश कुमार को बिहार विशेष सुरक्षा अधिनियम, 2000 के प्रावधानों के अंतर्गत सुरक्षा दी जाएगी। गृह विभाग द्वारा जारी पत्र में नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने का भी उल्लेख किया गया है। इसमें कहा...
Bihar News : बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री पद छोड़ने के बाद भी जेड प्लस श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की जाएगी। गृह विभाग की अनुशंसा पर इस संबंध में 30 मार्च को पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) ने आदेश जारी किया है।
विभाग की ओर से भेजे गए पत्र में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि नीतीश कुमार को बिहार विशेष सुरक्षा अधिनियम, 2000 के प्रावधानों के अंतर्गत सुरक्षा दी जाएगी। गृह विभाग द्वारा जारी पत्र में नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने का भी उल्लेख किया गया है। इसमें कहा गया है कि मुख्यमंत्री राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए हैं और जल्द ही मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देकर राज्यसभा की सदस्यता ग्रहण करेंगे। ऐसे में उनकी सुरक्षा को लेकर समीक्षा की गई और उन्हें जेड प्लस श्रेणी की सुरक्षा देने का निर्णय लिया गया।
सूत्रों के अनुसार, वर्तमान में नीतीश कुमार को विशेष सुरक्षा समूह (एसएसजी) की सुरक्षा प्राप्त है। पद छोड़ने के बाद भी यह सुरक्षा घेरा बरकरार रहेगा और इसके साथ केंद्र स्तर की जेड प्लस सुरक्षा भी उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे उनका सुरक्षा कवच और मजबूत होगा। यह व्यवस्था राजनीतिक परिवर्तनों के बीच नीतीश कुमार की सुरक्षा को लेकर उठ रही चिंताओं के मद्देनजर की गई है। जेड प्लस श्रेणी की सुरक्षा उच्च जोखिम वाले व्यक्तियों को दी जाती है, जिसमें एनएसजी, सीआरपीएफ और अन्य केंद्रीय बलों के प्रशिक्षित कमांडो शामिल होते हैं।
क्या होती है Z+ सुरक्षा?
Z+ श्रेणी भारत में वीवीआईपी को दी जाने वाली सर्वोच्च स्तर की सुरक्षा व्यवस्था है। इस सुरक्षा घेरे में कुल लगभग 55 प्रशिक्षित सुरक्षाकर्मी तैनात रहते हैं, जो हर समय व्यक्ति की सुरक्षा में लगे रहते हैं।
तीन स्तरीय सुरक्षा चक्र
Z+ सुरक्षा एक त्रिस्तरीय (थ्री-लेयर) सुरक्षा व्यवस्था होती है:
पहला घेरा: इसमें 10 से अधिक एनएसजी (NSG) कमांडो 24x7 तैनात रहते हैं, जो सबसे नजदीकी सुरक्षा प्रदान करते हैं।
दूसरा घेरा: विशेष शाखा (स्पेशल ब्रांच) के अधिकारी निगरानी और खुफिया इनपुट संभालते हैं।
तीसरा घेरा: स्थानीय पुलिस या अर्धसैनिक बल बाहरी सुरक्षा घेरा बनाते हैं।
हाईटेक हथियार और उपकरण
Z+ सुरक्षा में तैनात कमांडो अत्याधुनिक हथियारों से लैस होते हैं, जिनमें MP5 राइफलें और हाईटेक संचार उपकरण शामिल हैं। ये कमांडो किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए विशेष रूप से प्रशिक्षित होते हैं।
बुलेटप्रूफ गाड़ियां और काफिला
इस सुरक्षा व्यवस्था में बुलेटप्रूफ (आर्मर्ड) गाड़ियां, एस्कॉर्ट वाहन और जैमर लगे वाहन शामिल होते हैं, जो किसी भी हमले या इलेक्ट्रॉनिक खतरे को निष्क्रिय करने में सक्षम होते हैं। Z+ सुरक्षा को देश की सबसे मजबूत और भरोसेमंद सुरक्षा श्रेणियों में गिना जाता है, जो केवल अत्यधिक जोखिम वाले वीवीआईपी को ही प्रदान की जाती है।