पटना नगर निगम ने ‘एक करोड़ पार्षद निधि योजना 3.0’ की दूसरी किस्त में जारी किए 30.10 करोड़ रुपए

Edited By Ramanjot, Updated: 19 May, 2026 10:50 AM

30 10 crore released as second installment of one crore corporator fund scheme

राशि के निर्बाध प्रवाह की वजह से योजना के अंतर्गत चल रही परियोजनाएं शीघ्र पूर्ण होने वाली हैं। वर्तमान में योजना के तहत पटना नगर निगम के सभी छह प्रमंडलों में कुल 911 विकास योजनाओं पर कार्य किया जा रहा है।

Bihar News: पटना नगर निगम की ओर से शहर में आधारभूत सुविधाओं के विकास कार्यों को गति देने के उद्देश्य से ‘एक करोड़ पार्षद निधि योजना' 3.0 के अंतर्गत दूसरी किश्त के रूप में 30.10 करोड़ रुपए की राशि सभी प्रमंडलों को उपलब्ध करा दी गई है। इससे पहले अप्रैल माह में निगम मुख्यालय द्वारा 36.66 करोड़ रुपए की राशि जारी की गई थी। 

राशि के निर्बाध प्रवाह की वजह से योजना के अंतर्गत चल रही परियोजनाएं शीघ्र पूर्ण होने वाली हैं। वर्तमान में योजना के तहत पटना नगर निगम के सभी छह प्रमंडलों में कुल 911 विकास योजनाओं पर कार्य किया जा रहा है। इनमें अजीमाबाद प्रमंडल में 143, बांकीपुर में 135, कंकड़बाग में 151, नूतन राजधानी में 185, पटना सिटी में 90 तथा पाटलिपुत्र प्रमंडल में सर्वाधिक 207 योजनाएं शामिल हैं। इन योजनाओं के पूर्ण होने से शहर के विभिन्न वाडरं में नागरिक सुविधाओं का विस्तार होगा और आम लोगों को स्थानीय समस्याओं से राहत मिलेगी। 

गौरतलब है कि सांसद एवं विधायक निधि योजना की तर्ज पर स्थानीय स्तर पर छोटे लेकिन आवश्यक विकास कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के उद्देश्य से पटना नगर निगम द्वारा ‘एक करोड़ पार्षद निधि योजना' संचालित की जा रही है। इसके तहत निगम के सभी 75 वार्ड पार्षदों को अपने-अपने क्षेत्र में विकास कार्य कराने के लिए प्रतिवर्ष अधिकतम एक करोड़ रुपये तक की राशि उपलब्ध कराई जाती है। योजना के अंतर्गत वार्ड पार्षद अपने क्षेत्र की जरूरतों के अनुसार सड़क निर्माण, नाला निर्माण, स्ट्रीट लाइट, जलनिकासी व्यवस्था, गली मरम्मत सहित अन्य बुनियादी नागरिक सुविधाओं से जुड़ी योजनाओं की अनुशंसा करते हैं। 

इससे स्थानीय स्तर पर समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित हो पाता है और लोगों को सीधे तौर पर बेहतर सुविधाओं का लाभ मिलता है। परियोजनाओं की प्रगति के अनुसार प्रमंडलों द्वारा चरणबद्ध तरीके से भुगतान किया जाता है। दूसरी किश्त जारी होने से वर्तमान में चल रहे निर्माण कार्यों को और गति मिलेगी। वहीं, शेष राशि प्रमंडलों से मांग प्राप्त होने के बाद तीसरी किश्त के रूप में जारी की जाएगी। पटना नगर निगम का उद्देश्य सभी स्वीकृत योजनाओं को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा कर शहरवासियों को बेहतर शहरी सुविधाएं उपलब्ध कराना है। 

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