Edited By SHUKDEV PRASAD, Updated: 24 Mar, 2026 11:31 PM

बिहार सरकार ने अपने 100 दिन पूरे होने पर शहरी व्यवस्था को पारदर्शी और मजबूत बनाने के लिए कई बड़े फैसले लिए हैं।
Bihar News : बिहार सरकार ने अपने 100 दिन पूरे होने पर शहरी व्यवस्था को पारदर्शी और मजबूत बनाने के लिए कई बड़े फैसले लिए हैं। उपमुख्यमंत्री Vijay Kumar Sinha ने प्रेस वार्ता में नगर निकायों की कार्यप्रणाली में सुधार के लिए अहम घोषणाएं कीं। उन्होंने साफ कहा कि सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति पर काम कर रही है।
अब CAG करेगा नगर निकायों का ऑडिट
सबसे बड़ा फैसला यह है कि अब राज्य के सभी नगर निकायों की ऑडिट Comptroller and Auditor General of India से कराई जाएगी। अब तक यह काम चार्टर्ड अकाउंटेंट के जरिए होता था, लेकिन नई व्यवस्था से वित्तीय पारदर्शिता बढ़ेगी। सरकार ने साफ कर दिया है कि अगर ऑडिट में किसी तरह की गड़बड़ी सामने आती है, तो संबंधित अधिकारियों और इंजीनियरों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
घर बैठे पास होगा मकान का नक्शा
आम लोगों को राहत देते हुए सरकार ने भवन निर्माण से जुड़ी प्रक्रिया को आसान बनाने का फैसला लिया है। अब पूरे बिहार में मकान का नक्शा ऑनलाइन पास किया जा सकेगा। फिलहाल यह सुविधा Patna तक सीमित थी, लेकिन जल्द ही इसे सभी नगर निकायों में लागू किया जाएगा। इससे लोगों को दफ्तरों के चक्कर लगाने से छुटकारा मिलेगा और बिचौलियों की भूमिका भी खत्म होने की उम्मीद है।
11 नए टाउनशिप विकसित होंगे
शहरी विकास को गति देने के लिए सरकार ने 11 नए टाउनशिप बनाने की मंजूरी दी है। इनमें प्रमंडलीय मुख्यालयों के अलावा Sitamarhi और Sonepur को भी शामिल किया गया है। इसके साथ ही Muzaffarpur, Bihar Sharif और Bhagalpur जैसे शहरों में चल रहे स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट्स को तय समयसीमा में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
छुट्टियों में भी खुले रहेंगे रजिस्ट्री ऑफिस
राज्य सरकार ने आम जनता की सुविधा के लिए बड़ा कदम उठाते हुए निबंधन कार्यालयों को छुट्टियों में भी खोलने का निर्णय लिया है। मार्च 2026 के घोषित अवकाश वाले दिनों में भी रजिस्ट्री ऑफिस सामान्य दिनों की तरह काम करेंगे। इससे खासकर कामकाजी लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। जनवरी 2026 से हर रविवार को भी रजिस्ट्री की सुविधा पहले ही शुरू की जा चुकी है, जिससे लोगों को अपनी सुविधानुसार काम निपटाने में आसानी हो रही है।
बिहार सरकार के ये फैसले शहरी विकास, पारदर्शिता और आम जनता की सुविधा को ध्यान में रखते हुए लिए गए हैं। CAG ऑडिट, ऑनलाइन सेवाएं और नए टाउनशिप जैसे कदम राज्य में प्रशासनिक सुधार की दिशा में अहम माने जा रहे हैं।