Edited By Khushi, Updated: 28 Mar, 2026 03:26 PM

Bihar News: अगर सबकुछ योजना के अनुसार हुआ, तो आने वाले महीनों में जिले के शहरी क्षेत्र में रसोई गैस की कमी से लोगों को राहत मिल सकती है। बिहार के किशनगंज जिले के प्रशासन ने पाइपलाइन के माध्यम से रसोई गैस की आपूर्ति शुरू करने की तैयारी कर ली है।
Bihar News: अगर सबकुछ योजना के अनुसार हुआ, तो आने वाले महीनों में जिले के शहरी क्षेत्र में रसोई गैस की कमी से लोगों को राहत मिल सकती है। बिहार के किशनगंज जिले के प्रशासन ने पाइपलाइन के माध्यम से रसोई गैस की आपूर्ति शुरू करने की तैयारी कर ली है। इसके लिए संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय कर पाइपलाइन बिछाने का काम तेज़ी से चल रहा है।
पाइपलाइन से सस्ती और सुरक्षित गैस
राज्य के 24 जिलों में पाइपलाइन से गैस की आपूर्ति की योजना में किशनगंज भी शामिल है। शहरी इलाकों में पाइपलाइन से रसोई गैस मिलने के बाद उपभोक्ताओं को सिलेंडर की तुलना में सस्ती गैस मिल सकेगी। इसका फायदा व्यवसायिक गैस सिलेंडरों के लिए भी होगा। कुछ अन्य जिलों में पाइपलाइन से गैस मिलने के बाद लोग 25 दिन में लगभग 700-750 रुपये में गैस का इस्तेमाल कर पा रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि पाइपलाइन से गैस सिलेंडर की तुलना में अधिक सुरक्षित है। सिलेंडर बदलने की जरूरत नहीं होने से समय और श्रम की बचत होती है और हादसों का खतरा भी कम होता है।
कीमतों में स्थिरता और प्रदूषण में कमी
पाइपलाइन से गैस की आपूर्ति होने पर परिवहन और भंडारण की लागत कम हो जाती है, जिससे गैस उपभोक्ताओं को सस्ती मिलती है। साथ ही, सिलेंडरों के परिवहन से होने वाले प्रदूषण को भी कम किया जा सकता है। इससे उपभोक्ताओं को लगातार गैस की आपूर्ति सुनिश्चित रहती है। वर्तमान में व्यवसायिक गैस सिलेंडर की कमी के कारण होटल और ढाबों में खाने की थाली की कीमतें बढ़ गई हैं। बस स्टैंड के एक होटल में 75 रुपये की थाली पहले 80 रुपये और फिर सीधे 100 रुपये कर दी गई है। पाइपलाइन से गैस आने के बाद इन कीमतों को स्थिर रखा जा सकेगा।