Edited By SHUKDEV PRASAD, Updated: 23 Mar, 2026 11:33 PM

बिहार की चर्चित शिक्षक भर्ती परीक्षा टीआरई-3 पेपर लीक मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है। Economic Offences Unit ने कार्रवाई करते हुए गिरोह के अहम सदस्य प्रवीण कुमार सिन्हा उर्फ ‘डब्लू मुखिया’ को गिरफ्तार कर लिया है।
पटना: बिहार की चर्चित शिक्षक भर्ती परीक्षा टीआरई-3 पेपर लीक मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है। Economic Offences Unit ने कार्रवाई करते हुए गिरोह के अहम सदस्य प्रवीण कुमार सिन्हा उर्फ ‘डब्लू मुखिया’ को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद उससे लंबी पूछताछ की गई, जिसमें कई चौंकाने वाली बातें सामने आई हैं।
2015 से चल रहा था पेपर लीक सिंडिकेट
पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि यह नेटवर्क कोई नया नहीं, बल्कि 2015 से सक्रिय है। गिरोह अलग-अलग प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक कर अभ्यर्थियों को पहले से उपलब्ध कराता था। बताया जा रहा है कि आरोपी लखीसराय जिले के मानिकपुर थाना क्षेत्र के कोनिपार गांव का रहने वाला है और लंबे समय से इस नेटवर्क से जुड़ा हुआ था।
TRE-3 पेपर लीक में अहम भूमिका
जांच एजेंसी के अनुसार, वर्ष 2024 में हुई Bihar Public Service Commission की टीआरई-3 परीक्षा के पेपर लीक मामले में इस गिरोह की बड़ी भूमिका थी। हजारीबाग के एक होटल में अभ्यर्थियों को पहले से प्रश्न रटवाए गए। आरोपी खुद गाड़ियों में भरकर उम्मीदवारों को वहां लेकर गया। गिरोह के अन्य सदस्यों ने वहां उनकी व्यवस्था की।
छापेमारी के बाद भागा आरोपी
पूछताछ में यह भी सामने आया कि परीक्षा से एक दिन पहले होटल में पुलिस की छापेमारी हुई थी। इसके बाद आरोपी वहां से फरार होकर लखीसराय में छिप गया था और गिरफ्तारी से बचने की कोशिश कर रहा था।
293 आरोपियों पर चार्जशीट
Economic Offences Unit के मुताबिक, इस पूरे मामले में अब तक गिरोह के सरगना समेत 293 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। एजेंसी लगातार इस नेटवर्क की निगरानी कर रही है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
जांच जारी, और खुलासों की उम्मीद
फिलहाल आरोपी से पूछताछ जारी है और एजेंसी को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।