लंबे समय से चल रहा था अवैध धंधा, पुलिस ने मारा छापा...अंदर का नजारा देखते ही उड़ गए होश; 4 आरोपी गिरफ्तार

Edited By Ramanjot, Updated: 20 Jul, 2026 02:35 PM

illegal mini cartridge factory busted in motihari four arrested

पुलिस की संयुक्त टीम ने ओझा टोला सहित विभिन्न संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी कर 500 से अधिक निर्मित और अर्धनिर्मित कारतूस बरामद किए। मौके से चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

मोतिहारी: पूर्वी चंपारण पुलिस ने अवैध हथियार और कारतूस निर्माण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए चकिया थाना क्षेत्र के ओझा टोला में संचालित एक अवैध मिनी कारतूस फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान 500 से अधिक निर्मित एवं अर्धनिर्मित कारतूस बरामद किए हैं तथा इस धंधे से जुड़े चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

प्रारंभिक जांच में अवैध कारतूस की अंतर-जिला स्तर पर आपूर्ति किए जाने की आशंका जताई गई है। पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने बताया कि चकिया थाना क्षेत्र के ओझा टोला में अवैध कारतूस निर्माण की गुप्त सूचना मिलने के बाद विशेष अभियान चलाया गया। उनके निर्देश पर अनुमंडल पुलिस अधिकारी (SDPO) चकिया एवं पकड़ीदयाल के नेतृत्व में संयुक्त टीम गठित की गई, जिसमें मेहसी, चकिया, मधुबन, गड़हिया, फेनहारा थाना तथा जिला आसूचना इकाई (DIU) के पुलिसकर्मी शामिल थे। 

500 से अधिक निर्मित और अर्धनिर्मित कारतूस बरामद
पुलिस की संयुक्त टीम ने ओझा टोला सहित विभिन्न संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी कर 500 से अधिक निर्मित और अर्धनिर्मित कारतूस बरामद किए। मौके से चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस का कहना है कि इस कार्रवाई से अवैध हथियार एवं कारतूस आपूर्ति करने वाले एक सक्रिय नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है। छापेमारी के दौरान चकिया के ओझा टोला और फेनहारा थाना क्षेत्र के मड़पा से कारतूस निर्माण में प्रयुक्त मशीनें, मेटल शीट, गन पाउडर, नाइट्रिक एसिड, रेड फॉस्फोरस, एसीटोन, चारकोल सहित बड़ी मात्रा में रासायनिक पदार्थ एवं अन्य उपकरण भी जब्त किए गए हैं। एसपी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं। 

पूरे सप्लाई नेटवर्क की जांच कर रही पुलिस 
प्रारंभिक जांच के अनुसार, तैयार किए गए कारतूस विभिन्न क्षेत्रों में अपराधियों और अवैध हथियार कारोबारियों तक पहुंचाए जाते थे। इस नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्धों को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस पूरे सप्लाई नेटवर्क की गहन जांच कर रही है और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है। इस सफल कार्रवाई के लिए पुलिस अधीक्षक ने अभियान में शामिल टीम को 25 हजार रुपए का नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है। उन्होंने अभियान में मेहसी थानाध्यक्ष सानु गौरव तथा जिला आसूचना इकाई के उपनिरीक्षक कृष्ण मोहन सहित पूरी टीम की सराहना की। 

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