Edited By Harman, Updated: 29 Mar, 2025 08:58 AM

झारखंड में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एवम नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने शुक्रवार को राज्य में आम जनता को सस्ता बालू नहीं मिलने के सवाल पर तीखी प्रतिक्रिया दी। मरांडी ने कहा कि राज्य में बालू के लिए हाहाकार मचा हुआ है। बालू के लिए आम जनता की जेब से...
रांची: झारखंड में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एवम नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने शुक्रवार को राज्य में आम जनता को सस्ता बालू नहीं मिलने के सवाल पर तीखी प्रतिक्रिया दी। मरांडी ने कहा कि राज्य में बालू के लिए हाहाकार मचा हुआ है। बालू के लिए आम जनता की जेब से मनमानी कीमत वसूली जा रही है। रांची में निर्माण कार्य के लिए इस्तेमाल होने वाला बालू प्राय: सिल्ली, बुंडू और सोनाहातू से लाया जाता है।
घाट से रांची पहुंचते बालू 5000 से 45000 रुपये पार
बाबूलाल मरांडी ने बालू की बढ़ती कीमतों को लेकर बोलते हुए कहा कि जब बालू घाट से निकलता है तो उसकी कीमत लगभग ? 5,000 होती है, लेकिन रांची पहुंचते- पहुंचते इसका दाम? 45,000 के पार चला जाता है। कहा कि महज 60 किमी की दूरी में कीमत में नौ गुना इजाफा कोई संयोग नहीं, बल्कि एक संगठित अवैध कारोबार का नतीजा है। जिसमें खुद मुख्यमंत्री, खनन माफिया, ट्रांसपोटर्र, अधिकारी और दलालों का गठजोड़ शामिल है। बालू घाट पर अवैध एंट्री, परिवहन के दौरान अवैध पासिंग और ब्लैक मार्कटिंग के माध्यम से आम जनता से भारी रकम वसूली जाती है।
"अवैध बालू कारोबार रैकेट को ध्वस्त करे प्रवर्तन निदेशालय"
मरांडी ने कहा कि झारखंड में तकरीबन 440 बालू घाटों में से केवल 31 कानूनी रूप से संचालित हैं। जिसके परिणामस्वरूप, आम आदमी को निर्माण के लिए कई गुना महंगा बालू खरीदना पड़ रहा है। इस खेल में शामिल हर शख्स अपने हिस्से की कमाई कर रहा है, लेकिन इसकी असली कीमत जनता को चुकानी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि प्रवर्तन निदेशालय संज्ञान लेकर झारखंड में चल रहे हज़ारों करोड़ के अवैध बालू कारोबार तंत्र को ध्वस्त करें, ताकि आम जनता को सस्ती कीमत पर पर्याप्त बालू उपलब्ध कराया जा सके और राजस्व के नुकसान को कम किया जा सके।