Edited By Harman, Updated: 07 Apr, 2026 11:45 AM

बिहार की सियासत में आने वाले 72 घंटे बेहद निर्णायक होने वाले हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्य की राजनीति से विदा होकर केंद्रीय राजनीति में जाने की चर्चाओं के बीच एनडीए ने सरकार गठन की नई कवायद तेज कर दी है।
पटना : बिहार की सियासत में आने वाले 72 घंटे बेहद निर्णायक होने वाले हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्य की राजनीति से विदा होकर केंद्रीय राजनीति में जाने की चर्चाओं के बीच एनडीए ने सरकार गठन की नई कवायद तेज कर दी है।
कैबिनेट की 'विदाई' बैठक
सूत्रों के अनुसार, 8 अप्रैल को होने वाली कैबिनेट की बैठक मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में आखिरी बैठक हो सकती है। इस बैठक में नीतीश कुमार अपनी 'समृद्धि यात्रा' के दौरान घोषित योजनाओं को बजट आवंटन और प्रशासनिक मंजूरी दिला सकते हैं।
दिल्ली में शपथ और पटना में हलचल
तय कार्यक्रम के मुताबिक, नीतीश कुमार 9 अप्रैल को दिल्ली के लिए रवाना होंगे। 10 अप्रैल को वे राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ ग्रहण करेंगे। इसके तुरंत बाद 11 अप्रैल को उनका पटना आगमन होगा। एनडीए नेतृत्व ने अपने सभी विधायकों को 11 अप्रैल तक अनिवार्य रूप से पटना में मौजूद रहने का निर्देश दिया है, जिससे यह साफ है कि कोई बड़ा फैसला होने वाला है।
इस्तीफा और नई सरकार का गठन
संभावना जताई जा रही है कि 12 या 13 अप्रैल को एनडीए विधानमंडल दल की बैठक बुलाई जाएगी। इस बैठक में नीतीश कुमार मुख्यमंत्री पद छोड़ने का औपचारिक ऐलान कर सकते है और अपना इस्तीफा राज्यपाल को सौंप सकते हैं। इसके बाद विधायक दल द्वारा सर्वसम्मति से नए नेता का चुनाव किया जाएगा, जो बिहार के अगले मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे।
कौन होगा अगला मुख्यमंत्री?
बताया जा रहा है कि वे भविष्य में राज्यसभा सदस्य के रूप में दिल्ली की राजनीति में नई भूमिका निभा सकते हैं। इसके लिए उन्हें बिहार विधान परिषद की सदस्यता छोड़नी होगी। हालांकि संवैधानिक रूप से वे राज्यसभा सांसद रहते हुए भी सीएम पद पर रह सकते हैं, लेकिन माना जा रहा है कि वे स्वेच्छा से नए नेतृत्व को मौका देना चाहते हैं। फिलहाल अगले मुख्यमंत्री के नाम को लेकर सस्पेंस बरकरार है, लेकिन एनडीए के भीतर कई बड़े चेहरों पर मंथन चल रहा है। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि नई सरकार में जातीय समीकरणों और आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए किसी चौंकाने वाले नाम पर मुहर लग सकती है। इस सियासी बदलाव में सबसे चौंकाने वाला नाम निशांत कुमार का है। राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि सत्ता के नए समीकरणों में नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार की औपचारिक राजनीति में एंट्री हो सकती है। इसके साथ ही, उपमुख्यमंत्री पद के लिए नीतीश कुमार के बेहद भरोसेमंद और वरिष्ठ नेता विजय कुमार चौधरी का नाम भी प्रमुखता से लिया जा रहा है।
सीएम पद की रेस में ये नाम भी चर्चा में
नए फॉर्मूले के तहत भारतीय जनता पार्टी (BJP) बिहार में पहले से ज्यादा मजबूत भूमिका में नजर आ सकती है। सूत्रों के अनुसार बीजेपी की ओर से मुख्यमंत्री पद के लिए सम्राट चौधरी, संजीव चौरसिया और प्रेम कुमार जैसे कद्दावर नेताओं के नामों पर मंथन चल रहा है।