Edited By Ramanjot, Updated: 14 Jul, 2026 04:46 PM

बंटी यादव का गत छह जुलाई को कुछ अज्ञात लोगों ने कथित तौर पर अपहरण कर लिया था और उसका क्षत-विक्षत शव शनिवार को पटना जिले के अथमलगोला इलाके से बरामद हुआ था।
Bihar News: बिहार की राजधानी पटना में 25 वर्षीय बंटी यादव के कथित अपहरण और हत्या के मामले में ड्यूटी में लापरवाही बरतने के लिए तीन सहायक उपनिरीक्षकों (ASI) और होमगार्ड के एक सुरक्षाकर्मी समेत चार पुलिसकर्मियों को मंगलवार को निलंबित कर दिया गया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
बंटी यादव का गत छह जुलाई को कुछ अज्ञात लोगों ने कथित तौर पर अपहरण कर लिया था और उसका क्षत-विक्षत शव शनिवार को पटना जिले के अथमलगोला इलाके से बरामद हुआ था। पटना के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) कार्तिकेय के. शर्मा ने बताया कि ड्यूटी में लापरवाही के आरोप में पटना (मध्य) के पुलिस अधीक्षक (एसपी) ने चार पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की है। पुलिस ने हालांकि निलंबित किए गए पुलिसकर्मियों के बारे में अधिक जानकारी साझा करने से इनकार कर दिया। इस घटना के बाद राज्य की राजनीति भी गरमा गई।
पुलिस की ढिलाई पर भड़के मंत्री रामकृपाल यादव
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और बिहार सरकार में मंत्री रामकृपाल यादव ने मंगलवार को मृतक के परिजनों से मुलाकात कर मामले में पुलिस की भूमिका की आलोचना की। उन्होंने कहा, ''इस मामले में पुलिस की निष्क्रियता दुखद है। क्षेत्राधिकार के विवाद के कारण समय पर प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई जबकि पुलिस को कम-से-कम 'जीरो एफआईआर' दर्ज कर उसे संबंधित थाने को स्थानांतरित करना चाहिए था।'' यादव ने हालांकि मामले को गंभीरता से लेने और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए पटना पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों की सराहना भी की। उन्होंने कहा, ''मैं पटना पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों का धन्यवाद करता हूं, जिन्होंने इस घटना को गंभीरता से लिया। मामले में शामिल कई पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। सरकार की अपराध के प्रति किसी प्रकार की कोई नरमी नहीं बरतने की नीति है और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।''