खाकी पर दाग: अपहृत को हाजत में डाला, अपहरणकर्ता को छोड़ा... डीआईजी ने SHO को किया निलंबित

Edited By Ramanjot, Updated: 17 Jul, 2026 12:08 PM

dig suspends sho of ramgarhwa for keeping an abducted person in lock up

पश्चिम चंपारण रेंज के डीआईजी हरिकिशोर राय ने विभागीय जांच रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई की। जांच में सबसे गंभीर तथ्य यह सामने आया कि अपहरण के मामले में डायल-112 की टीम द्वारा बरामद किए गए कथित अपहरणकर्ता को थाना पहुंचने के करीब एक घंटे के भीतर छोड़...

Bihar News: बिहार के पूर्वी चंपारण जिले में पुलिस विभाग ने अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए रामगढ़वा थाना के तत्कालीन थानाध्यक्ष राजीव कुमार साह को अपहरण के एक मामले में गंभीर लापरवाही, अनुशासनहीनता और कर्तव्यहीनता के आरोप सिद्ध होने के बाद तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। 

पश्चिम चंपारण रेंज के डीआईजी हरिकिशोर राय ने विभागीय जांच रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई की। जांच में सबसे गंभीर तथ्य यह सामने आया कि अपहरण के मामले में डायल-112 की टीम द्वारा बरामद किए गए कथित अपहरणकर्ता को थाना पहुंचने के करीब एक घंटे के भीतर छोड़ दिया गया, जबकि अपहरण के शिकार बालकन्हाई महतो को ही बिना किसी वैधानिक प्रक्रिया के लगभग 24 घंटे तक थाना हाजत में बंद रखा गया। विभागीय जांच में इसे पुलिस कर्तव्य का गंभीर उल्लंघन माना गया। मामले की शुरुआत रामगढ़वा थाना क्षेत्र के रखवरिया गांव निवासी सुनीता देवी की शिकायत से हुई थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि 15 जून 2026 को उनके पति बालकन्हाई महतो का अपहरण कर लिया गया।

सूचना पर डायल-112 की टीम ने कार्रवाई करते हुए बालकन्हाई महतो और कथित अपहरणकर्ता दोनों को बरामद कर रामगढ़वा थाना पहुंचाया। शिकायत के अनुसार, थाना पहुंचने के बाद कथित अपहरणकर्ता को छोड़ दिया गया, जबकि पीड़ित बालकन्हाई महतो को करीब 24 घंटे तक हाजत में रखा गया। मामले की शिकायत मिलने पर उच्चाधिकारियों के निर्देश पर विभागीय जांच कराई गई, जिसमें तत्कालीन थानाध्यक्ष की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हुए। जांच के दौरान यह भी पाया गया कि क्षेत्र में सूदखोरी की शिकायतों की जानकारी होने के बावजूद संबंधित आरोपित के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज नहीं कराई गई। उसे केवल पूछताछ के लिए थाने बुलाकर बिना किसी कानूनी कारर्वाई के छोड़ दिया गया।

जांच अधिकारियों ने इसे कानून के प्रति घोर लापरवाही और कर्तव्य की अनदेखी माना। डीआईजी हरिकिशोर राय ने 27 जून को तत्कालीन थानाध्यक्ष से स्पष्टीकरण मांगा था। 29 जून को प्राप्त उनका जवाब विभागीय समीक्षा में असंतोषजनक पाया गया। इसके बाद जारी आदेश में डीआईजी ने कहा कि संबंधित अधिकारी का आचरण गंभीर लापरवाही, अनुशासनहीनता और मनमाने रवैये का परिचायक है, जिससे पुलिस विभाग की छवि धूमिल हुई और आम जनता का पुलिस पर विश्वास प्रभावित हुआ। डीआईजी के आदेश के बाद राजीव कुमार साह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर उनके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है। 

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