Edited By SHUKDEV PRASAD, Updated: 26 Mar, 2026 09:45 PM

पटना में नकली नोटों के बड़े गिरोह का खुलासा हुआ है। अगमकुंआ थाना पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर चार युवकों को गिरफ्तार किया है।
Bihar Crime News: पटना में नकली नोटों के बड़े गिरोह का खुलासा हुआ है। अगमकुंआ थाना पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर चार युवकों को गिरफ्तार किया है। हैरानी की बात यह है कि पकड़े गए आरोपियों में दो सगे भाई भी शामिल हैं। पुलिस ने इनके पास से 100, 200 और 500 रुपये के 2 लाख रुपये से ज्यादा के नकली नोट बरामद किए हैं।
इटली कनेक्शन ने चौंकाया, विदेश से लौटकर शुरू किया गोरखधंधा
इस पूरे मामले का सबसे बड़ा खुलासा मुख्य आरोपी राणा लॉ को लेकर हुआ है। जानकारी के मुताबिक वह इटली में पढ़ाई कर चुका है और तकनीकी रूप से काफी जानकार है। विदेश से लौटने के बाद उसने अपनी इसी जानकारी का गलत इस्तेमाल करते हुए नकली नोटों के कारोबार में कदम रखा। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि उसने यह नेटवर्क कैसे खड़ा किया और इसमें कौन-कौन लोग जुड़े हैं।
कौन हैं गिरफ्तार आरोपी
पटना सिटी पुलिस के अनुसार गिरफ्तार युवकों की पहचान राणा लॉ, राणा कुश, अस्मित कुमार और आशुतोष कुमार के रूप में हुई है। इनमें राणा लॉ और उसका भाई पटना के रहने वाले हैं, जबकि बाकी आरोपी अलग-अलग जिलों से आकर राजधानी में रह रहे थे। सभी मिलकर नकली नोटों के इस नेटवर्क को चला रहे थे।
यूपी के आजमगढ़ से जुड़ रहे तार
जांच के दौरान पुलिस को अहम सुराग मिले हैं, जिनसे पता चला है कि इस गिरोह का कनेक्शन उत्तर प्रदेश के Azamgarh से भी जुड़ा हुआ है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार नकली नोटों की छपाई वहीं की जा रही थी और फिर इन्हें बिहार में खपाने के लिए भेजा जाता था। अब पुलिस इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है।
राजनीतिक लिंक की भी जांच शुरू
इस मामले में एक और चौंकाने वाला पहलू सामने आया है। पुलिस को संकेत मिले हैं कि मुख्य आरोपी का किसी राजनीतिक दल से भी संबंध हो सकता है। इस एंगल पर भी गहन जांच की जा रही है ताकि यह साफ हो सके कि इस अवैध कारोबार के पीछे कोई बड़ा संरक्षण तो नहीं था।
संगठित गैंग होने की आशंका, जांच जारी
बरामद नकली नोटों की क्वालिटी और मात्रा को देखते हुए पुलिस को शक है कि यह कोई छोटा गिरोह नहीं, बल्कि एक संगठित सिंडिकेट हो सकता है। फिलहाल सभी आरोपियों से पूछताछ जारी है और पुलिस इस पूरे नेटवर्क को जड़ से खत्म करने की कोशिश में जुटी है।