Edited By Harman, Updated: 04 Apr, 2026 04:41 PM

बिहार के कटिहार जिले में पुलिस हिरासत में एक युवक की संदिग्ध मौत के बाद माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया। युवक की मौत की खबर फैलते ही परिजनों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिला। सैकड़ों लोग सड़कों पर उतर आए और जमकर बवाल काटा। उग्र भीड़ ने फलका...
Bihar News : बिहार के कटिहार जिले में पुलिस हिरासत में एक युवक की संदिग्ध मौत के बाद माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया। युवक की मौत की खबर फैलते ही परिजनों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिला। सैकड़ों लोग सड़कों पर उतर आए और जमकर बवाल काटा। उग्र भीड़ ने फलका मुख्य चौक पर स्टेट हाईवे-77 को जाम कर जोरदार प्रदर्शन शुरू कर दिया। स्थिति तब और बिगड़ गई जब आक्रोशित भीड़ और पुलिस के बीच टकराव हो गया, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हो गए।
मृतक की पहचान गोपालपट्टी गांव निवासी राकेश यादव के रूप में हुई है, जो फालो यादव का पुत्र था। जानकारी के अनुसार, पुलिस ने उसे दो दिन पहले छिनतई के एक मामले में संदिग्ध मानकर गिरफ्तार किया था और फलका थाने में रखा गया था। शनिवार सुबह अचानक उसकी तबीयत बिगड़ने पर पुलिस उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गई, जहां से बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल रेफर किया गया। हालांकि, अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो गई।
घटना के बाद परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि हिरासत के दौरान राकेश की बेरहमी से पिटाई की गई, जिससे उसकी जान चली गई। ग्रामीणों ने दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। भीड़ ने पुलिस पर हमला कर दिया, जिसमें पोठिया ओपी अध्यक्ष नवीन कुमार और सिपाही संजीव कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए। इतना ही नहीं, कुछ प्रदर्शनकारियों ने एक पुलिसकर्मी की राइफल छीन ली और मौके से फरार हो गए। इस घटना का वीडियो भी सामने आया है।
वहीं, पुलिस ने अपने बयान में कहा है कि राकेश यादव एक नामजद आरोपी था और उसने हिरासत में फांसी लगाने की कोशिश की थी, जिसके बाद इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए कटिहार एसपी ने फलका थानाध्यक्ष और केस के अनुसंधानकर्ता को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। फिलहाल इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है और स्थिति को नियंत्रण में लाने की कोशिश की जा रही है।