Edited By Khushi, Updated: 31 Aug, 2025 09:42 AM

रांची: उपराष्ट्रपति चुनाव में विपक्ष के उम्मीदवार बी. सुदर्शन रेड्डी कांग्रेस और झामुमो के सांसदों से समर्थन मांगने बीते शनिवार को रांची पहुंचे। उन्होंने मुख्यमंत्री आवास में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और सांसदों के साथ बैठक कर समर्थन मांगा तथा चुनाव...
रांची: उपराष्ट्रपति चुनाव में विपक्ष के उम्मीदवार बी. सुदर्शन रेड्डी कांग्रेस और झामुमो के सांसदों से समर्थन मांगने बीते शनिवार को रांची पहुंचे। उन्होंने मुख्यमंत्री आवास में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और सांसदों के साथ बैठक कर समर्थन मांगा तथा चुनाव पर चर्चा की। मौके पर कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी के. राजू और प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश भी उपस्थित थे।
"बहुमत में होने से किसी को अपनी मनमर्जी करने का अधिकार नहीं मिल जाता"
उपराष्ट्रपति चुनाव में विपक्ष के उम्मीदवार बी. सुदर्शन रेड्डी ने राज्यसभा और लोकसभा के सभी सदस्यों से पार्टी लाइन से परे योग्यता के आधार पर अपनी उम्मीदवारी के लिए समर्थन मांगा और कहा कि अगर भाजपा के शीर्ष नेता राजी हों तो वह उनसे मिलने को तैयार हैं। रेड्डी ने इस बात पर जोर दिया कि वह चाहते हैं कि यह चुनाव हाल के वर्षों में भारत में हुए सबसे शालीन और निष्पक्ष चुनावों में से एक हो। उन्होंने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण पर भी सवाल उठाया और तर्क दिया कि बहुमत में होने से किसी को अपनी मनमर्जी करने का अधिकार नहीं मिल जाता। उन्होंने यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘मैंने राज्यसभा और लोकसभा के सभी सदस्यों को योग्यता के आधार पर मेरी उम्मीदवारी पर विचार करने के लिए पत्र भेजे हैं और अगर भाजपा के शीर्ष नेता अनुमति देते हैं तो मैं उनसे मिलकर समर्थन मांगने को तैयार हूं।''
"लोकतंत्र का मतलब सिर्फ़ वोट नहीं है"
रेड्डी ने कहा, "यह एसआईआर क्या है... यह एक नई मुसीबत है... एक विशेष संशोधन हो सकता है... इस बात पर कोई विवाद नहीं है कि मतदाता सूची को अद्यतन किया जाना चाहिए और जो हमारे बीच नहीं हैं उनके नाम हटा दिए जाने चाहिए, लेकिन सूची से बाहर किया जाना क्या है... लोकतंत्र का मतलब सिर्फ़ वोट नहीं है; बहुमत होने से कुछ भी करने की शक्ति नहीं मिल जाती।'' रेड्डी ने संविधान के प्रावधानों के उल्लंघन का भी आरोप लगाया, जिसे उन्होंने 'त्रिवेणी संगम' (तीन नदियों का संगम) की तरह बताया और कहा कि हर किसी को इसके इतिहास, पाठ और संरचना को जानना चाहिए। उन्होंने कहा कि संविधान समानता और न्याय - सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक - की बात करता है और बंधुत्व और व्यक्ति की गरिमा के दो महत्वपूर्ण मूल्यों को कायम रखता है। रेड्डी ने केंद्र पर भी निशाना साधा और आरोप लगाया कि झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को प्रताड़ित किया गया और उनकी गरिमा को ठेस पहुंचाई गई। उन्होंने कहा, " हेमंत सोरेन और उनके मंत्रिमंडल के सहयोगियों पर (जनता के) जताए गए विश्वास और भरोसे का क्या हुआ, जब उन्हें बिना किसी ठोस कारण के जेल में डाल दिया गया?''
उपराष्ट्रपति पद के लिए नौ सितम्बर को होने वाले चुनाव में सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) उम्मीदवार सी पी राधाकृष्णन और विपक्षी दलों के संयुक्त उम्मीदवार रेड्डी के बीच मुकाबला है। इस मुकाबले को ‘दक्षिण बनाम दक्षिण' की लड़ाई कहा जा रहा है, क्योंकि दोनों ही उम्मीदवार दक्षिण भारत से हैं। राधाकृष्णन जहां भाजपा की तमिलनाडु इकाई के वरिष्ठ नेता हैं, वहीं तेलंगाना निवासी रेड्डी उच्चतम न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश हैं। शनिवार शाम को ‘एक्स' पर एक पोस्ट में, सोरेन ने रेड्डी को उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा, ‘‘आज रांची में हमने उपराष्ट्रपति पद के लिए विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया' के उम्मीदवार पूर्व न्यायाधीश बालकृष्ण सुदर्शन रेड्डी से मुलाकात की। आगामी उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए आपको बधाई, और शुभकामनाएं। लोकतांत्रिक और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा सर्वोपरि है।'' एक अन्य पोस्ट में झारखंड कांग्रेस प्रभारी के. राजू ने लिखा, "आज रांची में, मैंने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उपराष्ट्रपति चुनाव में विपक्षी गठबंधन के उम्मीदवार न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) बालकृष्ण सुदर्शन रेड्डी से मुलाकात की और एक संयुक्त प्रेस वार्ता में भाग लिया। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने लोकतांत्रिक और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए उन्हें अपना समर्थन, बधाई और शुभकामनाए दीं।"