Edited By Ramanjot, Updated: 07 Jul, 2026 10:47 AM

आयोग की सदस्य डॉ. आशा लकड़ा ने बताया कि रिम्स-2 के लिए अधिग्रहित 222 एकड़ भूमि को लेकर आयोग को शिकायत मिली है। इस संबंध में रांची जिला प्रशासन और राजस्व विभाग से विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है।
रांची: झारखंड की राजधानी रांची के नगड़ी में प्रस्तावित रिम्स-2 निर्माण कार्य पर राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (NCST) ने फिलहाल रोक लगा दी है। आयोग ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि जब तक मामले की सुनवाई आयोग के समक्ष जारी है, तब तक निर्माण से संबंधित कोई भी कार्य नहीं किया जाएगा। सोमवार को आयोग ने गढ़वा, पलामू, रांची, बोकारो, जामताड़ा समेत विभिन्न जिलों से जुड़े 15 मामलों की सुनवाई की। इस दौरान संबंधित जिलों के अधिकारी और शिकायतकर्ता भी उपस्थित रहे।
आयोग की सदस्य डॉ. आशा लकड़ा ने बताया कि रिम्स-2 के लिए अधिग्रहित 222 एकड़ भूमि को लेकर आयोग को शिकायत मिली है। इस संबंध में रांची जिला प्रशासन और राजस्व विभाग से विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट में यह जानकारी देने को कहा गया है कि कितने रैयतों की जमीन अधिग्रहित की गई, कितनों को मुआवजा मिला, कितनी भूमि के बदले कितना मुआवजा दिया गया। उन्होंने कहा कि आयोग रिम्स-2 के निर्माण का विरोध नहीं कर रहा है, लेकिन जनजातीय किसानों की उपजाऊ जमीन पर अस्पताल बनाने के बजाय किसी अन्य स्थान पर निर्माण करने की वकालत करता है। उनका कहना था कि गुमला, चैनपुर, डुमरी जैसे दूरदराज़ इलाकों में आज भी डॉक्टर, एंबुलेंस और स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव है, इसलिए वहां चिकित्सा व्यवस्था मजबूत करने की आवश्यकता है।
डॉ. लकड़ा ने बताया कि बोकारो जिले के बैदकारों, चड़कापनिया और बेरमो क्षेत्रों में ग्राम सभा की सहमति के बिना लाखों पेड़ काटे जाने की शिकायत पर आयोग ने जांच के निर्देश दिए हैं। जांच पूरी होने तक संबंधित क्षेत्र में खनन कार्य नहीं होगा। उन्होंने यह भी बताया कि दखल-दिहानी और बकास-भुइहरी जमीन से जुड़े मामलों में दोषी अधिकारियों के खिलाफ कारर्वाई के निर्देश दिए गए हैं। नामकुम के हरातू स्थित नूतन पाहन मामले में आयोग के आदेश के अनुसार 13 जुलाई को दखल-दिहानी दिलाई जाएगी। डॉ लकड़ा ने बताया कि 7 जुलाई को पूर्वाह्न 11 बजे आयोग की टीम रिम्स का निरीक्षण करेगी, जबकि अपराह्न 2 बजे आईआईएम रांची में समीक्षा बैठक आयोजित होगी। 8 जुलाई को रांची विश्वविद्यालय और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय में भी आयोग की समीक्षा बैठक प्रस्तावित है।