स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के लिए बड़ा बदलाव, इस राज्य में 1 अप्रैल से लागू होगा ये नया नियम

Edited By Ramanjot, Updated: 25 Mar, 2026 05:01 PM

bihar electricity tariff this new rule will come into effect from april 1st

नई व्यवस्था के तहत सुबह 9 से शाम 5 बजे तक बिजली इस्तेमाल करने पर 20% की छूट मिलेगी, जबकि शाम 5 से रात 11 बजे के पीक ऑवर्स में 10% से 20% अतिरिक्त शुल्क देना होगा।

Bihar Electricity Tariff 2026: बिहार के बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ी खबर है। बिहार विद्युत विनियामक आयोग (BERC) ने बिजली कंपनियों की उस याचिका को स्वीकार कर लिया है, जिसमें 'टाइम ऑफ डे' (ToD) टैरिफ लागू करने की मांग की गई थी। 1 अप्रैल 2026 से राज्य के 87 लाख से अधिक स्मार्ट प्रीपेड मीटर उपभोक्ताओं के लिए बिजली की दरें 24 घंटे एक समान नहीं रहेंगी। अब आपका बिल इस बात पर निर्भर करेगा कि आपने किस समय कितनी बिजली खर्च की है। 

तीन श्रेणियों में विभाजित हुई दरें 

नई व्यवस्था के तहत पूरे दिन को तीन अलग-अलग टाइम स्लैब में बांटा गया है, ताकि उपभोक्ता बिजली के भारी उपकरणों का उपयोग कम लोड वाले समय में करें: 

समय सीमा श्रेणी     शुल्क का प्रभाव
सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक ऑफ-पीक (सस्ता)    सामान्य दर का केवल 80% (20% की बचत)
शाम 5 बजे से रात 11 बजे तक पीक आवर (महंगा)   घरेलू: 110%, व्यावसायिक: 120% शुल्क
रात 11 बजे से सुबह 9 बजे तक  सामान्य

 कोई बदलाव नहीं (100% दर) 

      
क्यों लिया गया यह फैसला? 

ऊर्जा विभाग के अनुसार, इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य 'लोड मैनेजमेंट' है। दिन के समय सौर ऊर्जा (Solar Energy) की उपलब्धता अधिक होती है, जिससे बिजली उत्पादन की लागत कम आती है। वहीं, शाम के समय मांग अचानक बढ़ने से ग्रिड पर दबाव बढ़ता है और कंपनियों को महंगी बिजली खरीदनी पड़ती है। सरकार का मानना है कि इस कदम से उपभोक्ता अपने भारी काम (जैसे कपड़े धोना, मोटर चलाना आदि) दिन में करने के लिए प्रोत्साहित होंगे। 

किन पर पड़ेगा असर? 

यह नियम प्राथमिक रूप से उन 87 लाख उपभोक्ताओं पर लागू होगा जिनके यहां स्मार्ट प्रीपेड मीटर लग चुके हैं। इसके अलावा, जिन उपभोक्ताओं का स्वीकृत लोड 10 किलोवाट से अधिक है, वे भी इसके दायरे में आएंगे। हालांकि, राज्य के किसानों (कृषि कनेक्शन) को राहत देते हुए उन्हें इस व्यवस्था से बाहर रखा गया है। 

आम जनता के लिए सलाह 

अब बिजली बचाने के साथ-साथ 'समय प्रबंधन' भी बचत का जरिया बनेगा। यदि उपभोक्ता अपने वाशिंग मशीन, डिशवॉशर या पानी के पंप जैसे भारी उपकरणों को सुबह 9 से शाम 5 के बीच चलाते हैं, तो वे अपने मासिक बिल में उल्लेखनीय कटौती देख सकते हैं। इसके विपरीत, शाम के समय अनावश्यक लाइटें और उपकरण चलाने पर जेब पर बोझ बढ़ना तय है।
 

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!