Edited By Ramanjot, Updated: 05 Jul, 2026 12:53 PM

उल्लेखनीय है कि डॉ. तीजन बाई को पांडवानी परंपरा की सर्वश्रेष्ठ प्रस्तुतिकारों में एक गिना जाता था। उन्होंने अपनी विलक्षण प्रस्तुतियों के माध्यम से छत्तीसगढ़ की इस लोककथा गायन परंपरा को देश-विदेश में नई पहचान दिलाई।
Bihar News: पांडवानी की महान लोकगायिका एवं पद्म विभूषण से सम्मानित डॉ. तीजन बाई का लंबी बीमारी के बाद रविवार को निधन हो गया। उन्होंने 70 वर्ष की आयु में अंतिम सांस ली। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए इसे भारतीय लोककला और संस्कृति के लिए अपूरणीय क्षति बताया है।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' पर अपने शोक संदेश में कहा कि प्रख्यात पांडवानी गायिका डॉ. तीजन बाई के निधन का समाचार अत्यंत दु:खद है। उन्होंने अपनी अद्वितीय कला, ओजस्वी स्वर और आजीवन समर्पण के बल पर भारतीय लोक संस्कृति को वैश्विक स्तर पर विशिष्ट पहचान दिलाई। उन्होंने कहा कि भारतीय सांस्कृतिक विरासत में उनका अमूल्य योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा तथा आने वाली पीढि़यों को प्रेरित करता रहेगा।
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चौधरी ने शोकाकुल परिवार और उनके असंख्य प्रशंसकों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि वह ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा उनके परिजनों और प्रशंसकों को इस असहनीय दु:ख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें।
उल्लेखनीय है कि डॉ. तीजन बाई को पांडवानी परंपरा की सर्वश्रेष्ठ प्रस्तुतिकारों में एक गिना जाता था। उन्होंने अपनी विलक्षण प्रस्तुतियों के माध्यम से छत्तीसगढ़ की इस लोककथा गायन परंपरा को देश-विदेश में नई पहचान दिलाई।