Edited By Harman, Updated: 07 Apr, 2026 09:44 AM

मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि बिहार में अगले 3 से 4 दिनों के दौरान राज्य के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ आंधी-तूफान, बिजली गिरने, 50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और ओलावृष्टि होने की प्रबल संभावना है।
Bihar Weather Alert : बिहार में चिलचिलाती गर्मी का दौर फिलहाल थम गया है। आसमान में घने बादल छा गए हैं और कई इलाकों में तेज हवाओं के साथ बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि अगले 3 से 4 दिनों के दौरान राज्य के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ आंधी-तूफान, बिजली गिरने, 50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और ओलावृष्टि होने की प्रबल संभावना है।
मौसम विभाग के अनुसार, एक पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) और बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी से भरी हवाओं के आपसी प्रभाव के कारण बिहार और उसके आसपास के क्षेत्रों में मौसम की अनुकूल परिस्थितियाँ बन रही हैं। इसके अतिरिक्त, इस क्षेत्र में एक सक्रिय चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) के प्रभाव से वायुमंडल में काफी अस्थिरता उत्पन्न हो गई है। इन परिस्थितियों के परिणामस्वरूप, अगले 3 से 4 दिनों के दौरान राज्य के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ आंधी-तूफान, बिजली गिरने, 50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और ओलावृष्टि होने की प्रबल संभावना है। विशेष रूप से 8 और 9 अप्रैल को मौसम के काफी खराब रहने की उम्मीद है।
इन जिलों में अलर्ट जारी
8 अप्रैल को पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, शिवहर, मुजफ्फरपुर, मधुबनी, दरभंगा, समस्तीपुर, सुपौल, अररिया, किशनगंज और पूर्णिया में ओलावृष्टि को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। वहीं 9 अप्रैल को भी कई जिलों में बारिश और बिजली गिरने की आशंका बनी हुई है।
मौसम विभाग ने जारी की एडवाइजरी
नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे अपनी सुरक्षा के प्रति सतर्क रहें और खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों पर अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचें। आंधी-तूफान के समय सुरक्षित स्थानों पर शरण लें तथा पेड़ों और बिजली के खंभों से उचित दूरी बनाए रखें। किसानों से आग्रह है कि वे अपनी कटी हुई फसलों की कटाई का कार्य शीघ्रता से पूरा कर लें और उनके सुरक्षित भंडारण की व्यवस्था सुनिश्चित करें। संभावित वर्षा और ओलावृष्टि से होने वाले नुकसान को कम करने के लिए खेतों में रखी फसलों को किसी सुरक्षित स्थान पर भंडारित करें अथवा उन्हें सुरक्षित रूप से ढककर रखें। इस अवधि के दौरान, अपने दैनिक और कृषि संबंधी कार्य केवल मौसम विज्ञान केंद्र, पटना द्वारा समय-समय पर जारी किए गए मौसम पूर्वानुमानों और चेतावनियों का पालन करते हुए ही करें।