आवारा पशुओं की बढ़ती संख्या पर बिहार सरकार का बड़ा फैसला, लागू होंगे नए नियम

Edited By Ramkesh, Updated: 02 Sep, 2026 08:06 PM

bihar government takes a big decision on the increasing number of stray animals

बिहार मंत्रिमंडल ने बुधवार को आवारा पशुओं की आबादी को मानवीय और वैज्ञानिक तरीके से नियंत्रित करने के लिए केंद्र सरकार के पशु प्रजनन नियंत्रण (एबीसी) नियम, 2023 को राज्य में लागू करने की मंजूरी दे दी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई...

पटना: बिहार मंत्रिमंडल ने बुधवार को आवारा पशुओं की आबादी को मानवीय और वैज्ञानिक तरीके से नियंत्रित करने के लिए केंद्र सरकार के पशु प्रजनन नियंत्रण (एबीसी) नियम, 2023 को राज्य में लागू करने की मंजूरी दे दी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल बैठक में यह फैसला लिया गया। मंत्रिमंडल द्वारा मंजूर पशुपालन, मत्स्य एवं डेयरी विभाग के प्रस्ताव के अनुसार, बिहार मुख्य रूप से कृषि आधारित राज्य है, जहां पशुपालन की महत्वपूर्ण भूमिका है। प्रस्ताव में कहा गया, ''भारत सरकार द्वारा अधिसूचित पशु प्रजनन नियंत्रण नियम, 2023 को बिहार में अपनाने से आवारा पशुओं की संख्या को मानवीय और वैज्ञानिक तरीके से नियंत्रित किया जा सकेगा।

इन नियमों के लागू होने के बाद पूरे राज्य में एक समान मानकों के अनुसार पशुओं की पहचान, पंजीकरण, बंध्याकरण और टीकाकरण किया जाएगा। मंत्रिमंडल ने उच्च गुणवत्ता वाले और बेहतर नस्ल के दुधारू पशुओं की उपलब्धता बढ़ाने तथा नस्ल सुधार कार्यक्रम को मजबूत करने के लिए वित्त वर्ष 2026-27 में राष्ट्रीय गोकुल मिशन के तहत दो 'हीफर पालन केंद्र' खोलने को भी मंजूरी दी। 

प्रस्ताव के अनुसार, प्रत्येक केंद्र में 500 हीफर (कम उम्र की गाय) का पालन किया जाएगा। इनमें से एक केंद्र बक्सर जिले के डुमरांव और दूसरा मुंगेर में स्थापित किया जाएगा। प्रस्ताव में कहा गया कि इन केंद्रों में आधुनिक प्रजनन तकनीकों के इस्तेमाल से आगे चलकर दूध उत्पादन और पशुपालकों की आय में वृद्धि होगी। मंत्रिमंडल ने राज्य के शहरी क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे के विकास के लिए 'मुख्यमंत्री समग्र शहरी विकास योजना' की अवधि को वर्ष 2026-27 से बढ़ाकर 2030-31 तक करने की भी मंजूरी दी। 

इसके अलावा, मंत्रिमंडल ने भारत छोड़ो आंदोलन से जुड़े स्वतंत्रता सेनानी अमर शहीद रामफल मंडल की शहादत की वर्षगांठ को हर साल 23 अगस्त को सीतामढ़ी जिले में राजकीय समारोह के रूप में मनाने की मंजूरी दी। मंत्रिमंडल ने चंपारण सत्याग्रह के प्रमुख चेहरे और स्वतंत्रता सेनानी पंडित राजकुमार शुक्ल की जयंती को भी हर साल 23 अगस्त को पश्चिम चंपारण जिले में राजकीय समारोह के रूप में मनाने को मंजूरी प्रदान की।
 

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