CM नीतीश का अधिकारियों को निर्देश- कटाव निरोधक एवं बाढ़ सुरक्षात्मक कार्य को मानसून के पहले करें पूर्ण

Edited By Ramanjot, Updated: 19 May, 2022 11:20 AM

complete erosion prevention and flood protection work before monsoon nitish

नीतीश कुमार ने बुधवार को यहां संभावित बाढ़ एवं सुखाड़ की पूर्व तैयारियों की समीक्षा के लिए आयोजित बैठक में अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि बाढ़ से सुरक्षा के लिए बचे हुए सभी कटाव निरोधक कार्य एवं बाढ़ सुरक्षात्मक कार्य को मॉनसून के पहले पूर्ण...

पटनाः बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अधिकारियों को बाढ़ से सुरक्षा के लिए बचे हुए सभी कटाव निरोधक एवं सुरक्षात्मक कार्य को मानसून आगमन के पूर्व ही पूर्ण कर लेने का निर्देश दिया।

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नीतीश कुमार ने बुधवार को यहां संभावित बाढ़ एवं सुखाड़ की पूर्व तैयारियों की समीक्षा के लिए आयोजित बैठक में अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि बाढ़ से सुरक्षा के लिए बचे हुए सभी कटाव निरोधक कार्य एवं बाढ़ सुरक्षात्मक कार्य को मॉनसून के पहले पूर्ण करें। बाढ़ की स्थिति में तटबंधों की निगरानी के लिए विशेष सतकर्ता बरती जाए। निगरानी कार्य में स्थानीय लोगों को लगाएं तथा उनका विशेष प्रशिक्षण कराएं। उन्होंने कहा कि बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में नावों का संचालन ठीक ढंग से हो इसके लिए नावों की पर्याप्त उपलब्धता रखें। बाढ़ के दौरान उपयोग में लाए जानेवाली निजी नावों के भाड़े एवं नाविकों की मजदूरी का भुगतान ससमय सुनिश्चित करें।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि मानव दवा, पशु दवा, सांप काटने की दवा, कुत्ता काटने की दवा, ब्लीचिंग पाउडर, डायरिया की दवा की पर्याप्त उपलब्धता रखें। पथ निर्माण एवं ग्रामीण कार्य विभाग बाढ़ के दौरान क्षतिग्रस्त होने वाली सड़कों की मरम्मति की पूर्ण तैयारी रखें। उन्होंने कहा कि विशेष आक्राम्य स्थलों को चिह्नित करें। इसको लेकर जनप्रतिनिधियों एवं स्थानीय लोगों से विचार-विमर्श करें। पुल-पुलियों के वेंट की साफ-सफाई का कार्य भी मॉनसून के पहले पूर्ण करें। नदियों के गाद की उड़ाही एवं शिल्ट हटाने को लेकर तेजी से कार्य करें। इससे बाढ़ का खतरा भी कम रहेगा और नदियों की जल संग्रहण क्षमता भी बढ़ेगी। जल-जीवन-हरियाली अभियान के तहत सात अवयवों में जल संरक्षण को लेकर कार्य किए जा रहे हैं, इसकी भी सतत निगरानी करें।

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नीतीश कुमार ने कहा कि पशुओं के पेयजल के लिए कैटल ट्रफ की समुचित व्यवस्था रखें। पशुचारा, बाढ़ राहत सामग्री, दवा के साथ-साथ अन्य चीजों की उपलब्धता को लेकर पूरी तैयारी रखें। एक सप्ताह के भीतर ग्रामीण कार्य विभाग, पथ निर्माण विभाग, जल संसाधन विभाग, लघु जल संसाधन विभाग एवं जिलाधिकारियों के साथ प्रभारी मंत्री तैयारियों को लेकर फिर से एक दिन समीक्षा कर लें और जहां कहीं भी कमी दिखे तो उसे ठीक कराएं। जिलाधिकारी अपने क्षेत्रों में सर्वे कराकर पता करें कि पिछले वर्ष का आनुग्रहीक राहत (जीआर) का भुगतान किन्हें नहीं हो पाया हो। जिनका भुगतान नहीं हो पाया है, उन्हें जल्द भुगतान कराएं। हर चीज पर नजर रखनी है और पूरी तरह से सतर्क रहना है। मुस्तैदी के साथ सभी लोग लगे रहेंगे तो लोगों को राहत मिलेगी।

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