Edited By Ramanjot, Updated: 04 Apr, 2025 03:45 PM
भौगोलिक सूचना प्रणाली (जीआईएस) आधारित मास्टर प्लान में विकासशील भूमि के अधिकतम उपयोग के साथ आधारभूत संरचना विकास का प्रारूप तैयार किया जाएगा। सुनियोजित शहरीकरण के उद्देश्य से मास्टर प्लान की तैयारी के अतिरिक्त सभी शहरों के जीआईएस बेस्ड मैपिंग का...
पटना: बिहार में सुनियोजित शहरीकरण के लिए जिला आयोजना क्षेत्र प्राधिकार का गठन किया गया और 1350 नए पद सृजित किए गए है। नगर विकास एवं आवास विभाग ने शुक्रवार को बताया कि राज्य सरकार सुनियोजित शहरीकरण के लिए कटिबद्ध है और इस क्रम में शहरों के विकास को दिशा देने के लिए विभाग की ओर से मास्टर प्लान अगले बीस वर्षों की प्रेक्षित आबादी को ध्यान में रखते हुए तैयार किया जा रहा है। इसमें विभिन्न भूमि उपयोग (आवासीय, वाणिज्यिक, औद्योगिक इत्यादि), मूलभूत सुविधाओं एवं सड़क निर्माण की योजना का विस्तृत वर्णन होगा।
भौगोलिक सूचना प्रणाली (जीआईएस) आधारित मास्टर प्लान में विकासशील भूमि के अधिकतम उपयोग के साथ आधारभूत संरचना विकास का प्रारूप तैयार किया जाएगा। सुनियोजित शहरीकरण के उद्देश्य से मास्टर प्लान की तैयारी के अतिरिक्त सभी शहरों के जीआईएस बेस्ड मैपिंग का कार्य विभाग की ओर से किया जा रहा है। राज्य के प्रमुख शहरों में टाउनशिप परियोजना लाने की तैयारी की जा रही है। शहरी क्षेत्रों के विकास के साथ इसके निकटवर्ती ग्रामीण क्षेत्रों में विकास की क्षमताओं को देखते हुए समेकित रूप से आयोजना प्राधिकारों का गठन किया गया है।
राज्य में सुनियोजित शहरीकरण को गति देने के उद्देश्य से अलग-अलग आयोजना क्षेत्र प्राधिकारों के लिए पद सृजन की बजाय सभी जिला मुख्यालय स्तर पर 38 आयोजना क्षेत्र प्राधिकारों का गठन एवं आयोजना प्राधिकारों के लिए 1350 पदों के सृजन के प्रस्ताव पर प्रशासी पदवर्ग समिति ने स्वीकृति प्रदान की है। विभाग के मंत्री जिवेश कुमार ने बताया कि शहरी क्षेत्रों का योजनाबद्ध तरीके से विकास करने के लिए सरकार पूरी तरह संकल्पबद्ध है। 1350 नए पदों का सृजन नियोजित शहरीकरण की प्रक्रिया में मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि इससे कार्यों के निष्पादन में तेजी आएगी और शहरों एवं उसके आसपास के क्षेत्रों का विकास तीव्र गति से हो सकेगा।