Edited By Ramanjot, Updated: 04 Apr, 2026 01:32 PM

छपरा में इलाज कराने आई एक नाबालिग बच्ची के साथ अस्पताल के ही कंपाउंडर ने दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। फूड पॉइजनिंग की शिकार बच्ची के साथ शौचालय में हुई इस दरिंदगी के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
Chhapra News: बिहार के छपरा जिले से मानवता को शर्मसार करने वाली एक घटना सामने आई है, जहां जीवन बचाने वाले अस्पताल के अंदर ही एक नाबालिग मासूम के साथ दरिंदगी की गई। शहर के भगवान बाजार थाना क्षेत्र स्थित भरत मिलाप चौक के पास एक निजी नर्सिंग होम में इलाज कराने आई 12 वर्षीय बच्ची के साथ अस्पताल के कंपाउंडर ने दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
फूड पॉइजनिंग का इलाज कराने आई थी पीड़िता
मिली जानकारी के अनुसार, नाबालिग बच्ची को फूड पॉइजनिंग की शिकायत के बाद परिजनों ने भरत मिलाप चौक स्थित 'होप हॉस्पिटल' में भर्ती कराया था। इलाज के दौरान अस्पताल के कंपाउंडर मोनू कुमार ने हैवानियत की हदें पार कर दीं। बताया जा रहा है कि आरोपी बच्ची को बहला-फुसलाकर शौचालय ले गया और वहां उसके साथ दुष्कर्म किया। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया था।
पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज, आरोपी जेल भेजा गया
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम तत्काल होप हॉस्पिटल पहुंची। सारण के एसएसपी विनीत कुमार ने बताया कि पीड़ित बच्ची को मेडिकल जांच के लिए सदर अस्पताल भेजा गया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी कंपाउंडर मोनू कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। मोनू कुमार सारण जिले के इशुआपुर थाना क्षेत्र के चांदपुर गांव निवासी सुरेश प्रसाद का पुत्र है। आरोपी के खिलाफ भगवान बाजार थाने में पॉक्सो (POCSO) एक्ट और दुष्कर्म की गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
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FSL की टीम ने जुटाए साक्ष्य
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने के लिए एफएसएल (FSL) की टीम को भी मौके पर बुलाया। टीम ने घटनास्थल का मुआयना किया और जरूरी नमूने एकत्र किए हैं। पुलिस अस्पताल प्रबंधन की भूमिका की भी जांच कर रही है कि सुरक्षा व्यवस्था में इतनी बड़ी चूक कैसे हुई।