मनरेगा कार्यों में लापरवाही पर बड़ा एक्शन, जल संसाधन विभाग के अफसरों का वेतन रोका

Edited By Ramanjot, Updated: 20 May, 2026 06:22 PM

officials  salaries withheld over negligence in mgnrega schemes

जिले में उप विकास आयुक्त डॉ. कुमार की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में जल संसाधन विभाग और मनरेगा के अभिसरण से चल रही योजनाओं के साथ-साथ मनरेगा के तहत क्रियान्वित की जा रही विभिन्न विकास योजनाओं की गहन समीक्षा की गई।

Motihari News: बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के उप विकास आयुक्त डॉ. प्रदीप कुमार ने मनरेगा के तहत रोजगार सृजन में विफल रहने एवं जल संरक्षण, जल संचय, प्लांटेशन, नहर, आहर और पाइन जैसी योजनाओं में नगण्य प्रगति के कारण जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के वेतन भुगतान पर रोक लगाते हुए उनसे स्पस्टीकरण तलब किया है। 

जिले में उप विकास आयुक्त डॉ. कुमार की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में जल संसाधन विभाग और मनरेगा के अभिसरण से चल रही योजनाओं के साथ-साथ मनरेगा के तहत क्रियान्वित की जा रही विभिन्न विकास योजनाओं की गहन समीक्षा की गई। इस समीक्षा के दौरान उप विकास आयुक्त को हैरानी हुई कि अधिकारियों तथा नोडल पदाधिकारी-सह-कार्यपालक अभियंता (तिरहुत नहर प्रमंडल, मोतिहारी) को संचालित योजनाओं के सम्बंध में सही जानकारी तक नही है। 

उप विकास आयुक्त ने बताया कि समीक्षा में मनरेगा के तहत जल संरक्षण, जल संचय, प्लांटेशन, नहर, आहर और पाइन जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं में जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की लापरवाही उजागर हुई है और महज 14 प्रतिशत मानव दिवसों का सृजन किया जा सका है। खुद नोडल पदाधिकारी को नहीं पता कि विभाग की कितनी योजनाएं धरातल पर शुरू हुई हैं और कितनी योजनाओं पर मस्टर रोल (एमआर) जारी हो रहा है। यह अत्यंत खेदजनक स्थिति है, जिसके कारण वेतन रोकने और स्पस्टीकरण मांगने जैसे कठोर निर्णय लेने पड़े।'

डॉ. कुमार ने समीक्षा के दौरान उपस्थित जल संसाधन विभाग के सभी प्रक्षेत्रों के कार्यपालक अभियंता, सहायक अभियंता, कनीय अभियंता सहित मनरेगा के कार्यक्रम पदाधिकारी (पीओ) और कनीय अभियंताओं को कड़े निर्देश दिए है कि 25.मई तक मानव दिवस सृजन के ग्राफ को बढ़ाकर कम से कम 80 प्रतिशत किया जाए, अन्यथा इससे भी कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। इस बैठक में मनरेगा एवं जल संसाधन विभाग के अभिसरण से संचालित और स्वीकृत 614 योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति की समीक्षा की गई। मुख्य रूप से सभी स्वीकृत योजनाओं पर कार्य प्रारंभ की स्थिति, योजनाओं की जियो-टैगिंग, एमआर जेनरेशन, मानव दिवस सृजन, पंचायतवार योजनाओं का क्रियान्वयन, ई-केवाईसी की स्थिति तथा जल जीवन हरियाली पोर्टम पर योजनाओं की प्रविष्टि की समीक्षा की गई। 

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!