रेल मंत्री का सुशील मोदी को आश्वासन- अभ्यर्थियों का किसी कीमत पर नहीं होगा अहित

Edited By Nitika, Updated: 10 Feb, 2022 12:01 AM

railway minister assurance to sushil modi

बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री एवं भाजपा के राज्यसभा सांसद सुशील कुमार मोदी ने आज बताया कि उन्हें रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने आश्वस्त किया है कि किसी भी कीमत पर अभ्यर्थियों का अहित नहीं होगा और उनकी मांगों के अनुरूप समाधान किया जाएगा।

 

पटनाः बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री एवं भाजपा के राज्यसभा सांसद सुशील कुमार मोदी ने आज बताया कि उन्हें रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने आश्वस्त किया है कि किसी भी कीमत पर अभ्यर्थियों का अहित नहीं होगा और उनकी मांगों के अनुरूप समाधान किया जाएगा।

सुशील मोदी ने रेल भवन, दिल्ली में वैष्णव से मुलाकात के बाद यहां जारी बयान में बताया कि उन्होंने केंद्रीय मंत्री मांग की है कि रेलवे रिक्रूटमेंट बोर्ड के परीक्षार्थियों के लिए मेडिकल स्टैंडडर् 2019 के ही बराबर रखा जाए, रिक्तियों की डेढ़ गुना संख्या में परीक्षार्थियों को डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के लिए बुलाया जाए तथा वर्ष 2019 के बाद जारी आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) प्रमाण-पत्र को भी स्वीकार किया जाए।


भाजपा सांसद ने केन्द्रीय मंत्री को बताया कि सात वर्गों में मेडिकल स्टैंडर्ड को 3 वर्ष के बाद अचानक वर्ष 2022 में बदल दिया गया। उसी तरह वर्ष 2019 में डेढ़ गुणा छात्रों को डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन बुलाए जाने के प्रावधान को अचानक बदल कर तीन वर्ष बाद रिक्त पदों के बराबर कर दिया। ईडब्ल्यूएस प्रमाण-पत्र प्राप्त करने में वर्ष 2019 में छात्रों को कठिनाई हो रही थी क्योंकि उस समय ईडब्ल्यूएस लागू हुआ था और पदाधिकारियों को ईडब्ल्यूएस प्रमाण-पत्र निर्गत करने के बारे में स्पष्टता नहीं थी।

सुशील मोदी ने बताया कि केंद्रीय मंत्री ने आश्वस्त किया कि रेलवे की नॉन टेक्निकल पॉपुलर कैटेगरी (एनटीपीसी) में एक छात्र एक रिजल्ट तथा ग्रुप डी में दो के बजाय एक परीक्षा एवं उपरोक्त तीन मांगों का सरकार अवश्य समाधान करेगी और किसी भी कीमत पर छात्रों का अहित नहीं होगा। छात्रों की मांगों के अनुरूप समाधान किया जाएगा।
 

 

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