Edited By Ramanjot, Updated: 21 Aug, 2026 02:19 PM

एसएसबी सूत्रों के अनुसार, 71वीं वाहिनी के कमांडेंट प्रफुल्ल कुमार को सूचना मिली थी कि मोतिहारी से जाली भारतीय मुद्रा लेकर कुछ लोग तस्करी के उद्देश्य से लखौरा की ओर जाने वाले हैं।
मोतिहारी: बिहार में पूर्वी चंपारण जिले के भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र में जाली भारतीय मुद्रा के कारोबार का खुलासा हुआ है। 71वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल और बिहार पुलिस की संयुक्त टीम ने मोतिहारी-लखौरा मार्ग पर कार्रवाई करते हुए दो संदिग्धों को हिरासत में लिया और उनके कब्जे से 88 हजार रुपए मूल्य के संदिग्ध जाली भारतीय नोट बरामद किया।
एसएसबी सूत्रों के अनुसार, 71वीं वाहिनी के कमांडेंट प्रफुल्ल कुमार को सूचना मिली थी कि मोतिहारी से जाली भारतीय मुद्रा लेकर कुछ लोग तस्करी के उद्देश्य से लखौरा की ओर जाने वाले हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए एसएसबी ने तत्काल लखौरा थाना पुलिस के साथ साझा किया और उपनिरीक्षक रिषभ सिंह रावत के नेतृत्व में संयुक्त टीम गठित की गई। संयुक्त टीम ने गुरुवार की रात मोतिहारी-लखौरा मार्ग पर नाका लगाकर संदिग्ध वाहनों एवं व्यक्तियों की निगरानी शुरू की। इसी दौरान मोटरसाइकिल सवार दो लोगों को रोककर पूछताछ की गई। संदिग्ध स्थिति के कारण अंचल अधिकारी, सदर मोतिहारी सुनील कुमार की मौजूदगी में दोनों की नियमानुसार तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान शेख नूर आलम के कब्जे से 500 रुपए मूल्यवर्ग के 176 नोट बरामद हुए, जिनकी कुल कीमत 88 हजार रुपए है।
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संयुक्त टीम की प्रारंभिक जांच में नोटों की मुद्रण गुणवत्ता फीकी पाई गई। इसके अलावा कई नोटों पर समान क्रम संख्या अंकित होने जैसी विसंगतियां भी सामने आईं। इन आधार पर बरामद मुद्रा के प्रथमद्दष्टया जाली होने के संदेह के आधार पर रुपए को जब्त कर चिरैया थाना क्षेत्र के बसवरिया निवासी शेख नूर आलम और महुआवा निवासी मो. इस्तकार को गुरुवार की मध्य रात्रि में हिरासत में ले लिया गया। दोनों संदिग्धों और बरामद नोटों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए लखौरा थाना पुलिस को सौंपने की प्रक्रिया शुरू की गई। अधिकारियों ने बताया कि बरामद नोट वास्तव में जाली हैं या नहीं, इसकी अंतिम पुष्टि संबंधित जांच और विधिक प्रक्रिया के बाद होगी। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि संदिग्ध मुद्रा कहां से लाई गई थी और इसके पीछे किसी संगठित तस्करी गिरोह की भूमिका है या नहीं।