मांझी ने खादी इंडिया के पवेलियन का किया उद्घाटन, कहा- स्वदेशी वस्तुओं के प्रचार-प्रसार के लिए प्रतिबद्ध है सरकार

Edited By Ramanjot, Updated: 17 Nov, 2024 10:34 AM

the central government is committed to promoting indigenous products manjhi

​​​​​​​मांझी ने शनिवार को प्रतिगति मैदान में चल रहे 43वें भारतीय अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेला 2024 में भारत मंडपम के हॉल नंबर छह में खादी इंडिया के पवेलियन का उद्घाटन किया। इस मौके पर एमएसएमई राज्यमंत्री शोभा करंदलाजे और खादी ग्रामोद्योग आयोग के...

नई दिल्ली: केंद्रीय सुक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSMEs) मंत्री जीतन राम मांझी (Jitan Ram Manjhi) ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Narendra Modi) के नेतृत्व में केंद्र सरकार स्वदेशी उत्पादों के प्रचार-प्रसार को लेकर जोर-शोर से काम कर रही है और हम स्वदेशी वस्तुओं का उत्पादन करने वाले उद्यमियों की भी हर तरह से मदद करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। 

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मांझी ने शनिवार को प्रतिगति मैदान में चल रहे 43वें भारतीय अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेला 2024 में भारत मंडपम के हॉल नंबर छह में खादी इंडिया के पवेलियन का उद्घाटन किया। इस मौके पर एमएसएमई राज्यमंत्री शोभा करंदलाजे और खादी ग्रामोद्योग आयोग के अध्यक्ष मनोज कुमार सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे। इस दौरान मांझी कई स्टॉलों पर गए और उद्यमियों से बात कर के उनकी समस्याएं सुनी तथा उन्हें सरकार की ओर से हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि मोदी केंद्र में सत्ता में आने के बाद स्वदेशी वस्तुओं के उत्पादन जोर दे रहे हैं तथा देश और विदेशों में भारतीय उत्पादों का प्रसार-प्रसार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्वदेशी वस्तुओं का उत्पाद करने वाले उद्यमियों को सरकार की ओर से एक करोड़ रुपये तक का मुद्रा ऋण दिया जा रहा है। 


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जीतन राम मांझी ने कहा कि हमारी सरकार खादी सहित विभिन्न तरह के स्वदेशी वस्तुओं का उत्पाद करने वाले उद्यमियों की हर तरह से मदद करने के लिए प्रतिबद्ध है। इस बार यहां ‘नए भारत की नए खादी' की विकास यात्रा, खादी का कल और आज के साथ ही अमृत काल में नए भारत की नई खादी के नए वस्त्र कैसे है, का चित्रण किया गया है। इस वर्ष खादी पवेलिन में कुल 225 स्टॉल स्थापित किए गए हैं, जिनमें विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के अलग-अलग क्षेत्रों के कारीगरों द्वारा निर्मित उत्पादों द्वारा भारत की समृद्ध विरासत, शिल्प कौशल तथा हस्तकला को प्रदर्शित किया गया है। 


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इन स्टालों में से लगभग 40 प्रतिशत स्टॉल ‘खादी' निर्माण से जुड़ी संस्थाओं को आवंटित हैं और शेष लगभग 60 प्रतिशत स्टॉल ग्रामोद्योग, पीएमईजीपी और स्फूर्ति की इकाइयों हेतु आवंटित हैं। इस वर्ष व्यापार मेले में भाग लेने वाले स्टॉल में खादी के कपड़े तथा डिजाइनरों द्वारा तैयार वस्त्र, सौंदर्य प्रसाधन, हस्तशिल्प, शहद, चमड़े के जूते, रत्न और आभूषण, बनारसी गुड़, लकड़ी के खिलौने, आयुर्वेद, बांस, पापड़, अचार, जड़ी-बूटियों से निर्मित हेयर ऑयल, विभिन्न प्रकार की नेचुरल चाय आदि की इकाइयां शामिल हैं। इस वर्ष खादी पवेलियन में उत्तर प्रदेश की सबसे ज्यादा 48 इकाइयों, दिल्ली की 20, कर्नाटक की 17, पश्चिम बंगाल की 15, उत्तराखंड की 12, महाराष्ट्र की नौ स्टॉल हैं। 

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