बन्ना गुप्ता ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ मनसुख मांडविया से की जीनोम सीक्वेंसिंग मशीन की मांग

Edited By Diksha kanojia, Updated: 02 Jan, 2022 04:28 PM

banna gupta demands genome sequencing machine from union health minister

देश के विभिन्न राज्यों के स्वास्थ्य मंत्रियों की बैठक में आज झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता को सबसे पहले बोलने का मौका मिला जिसमें स्वास्थ्य मंत्री गुप्ता ने सबसे पहले केंद्र सरकार से जीनोम सिक्वेन्सी मशीन देने का आग्रह किया। उन्होंने बताया...

रांचीः केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ मनसुख मांडविया ने राज्य के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता के मांगो पर सकारात्मक पहल करने की बात कही हैं।

देश के विभिन्न राज्यों के स्वास्थ्य मंत्रियों की बैठक में आज झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता को सबसे पहले बोलने का मौका मिला जिसमें स्वास्थ्य मंत्री गुप्ता ने सबसे पहले केंद्र सरकार से जीनोम सिक्वेन्सी मशीन देने का आग्रह किया। उन्होंने बताया कि जब रिम्स को रिसर्च सेंटर का उपाधि मिल गया है तो यहां जीनोम सीक्वेंसिंग मशीन जरूर मिलना चाहिए इसे स्वीकार करते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मांडविया ने बताया कि आपकी मांगो पर जल्द प्रक्रिया के तहत झारखंड को मशीन उपलब्ध कराई जाएगी।

मंत्री गुप्ता लगातार साहिया बहनों के मानदेय को 2 हजार से 7 हजार बढ़ाने के लिए केंद्रीय सरकार से मांग करते आ रहे है। इसी कड़ी में उन्होंने आज अपनी मांग को दुहराते हुए जब मांडविया से आग्रह किया तो उन्होंने कहा कि आपकी मांग जायज हैं और संज्ञान में हैं केंद्र सरकार जल्द इसपर फैसला लेगी। गुप्ता ने कोरोना मरीजों का इलाज आयुष्मान भारत योजना के तहत पूर्ण रूप से फ्री करने का मांग किया। इस पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि यह आयुष्मान भारत योजना से जुड़ गया हैं। इस पर मंत्री गुप्ता ने इसे कड़ाई से लागू कराने का अनुरोध किया ताकि प्राइवेट अस्पताल द्वारा इलाज के नामपर आर्थिक दोहन बंद हो सके।

साथ ही मंत्री गुप्ता ने मांग किया कि देश में सभी प्राइवेट अस्पताल के लिए कोरोना के इलाज के लिए एक टैरिफ का निर्धारण हो जिसमें एडमिशन से लेकर डिस्चार्ज तक की टैरिफ घोषित की जाए ताकि इलाज के नाम पर जो लूट हो रही हैं उसे रोका जाए।उन्होंने मांग किया कि मृत होने के बाद भी जो अस्पताल बकाए रकम के लिए शव को रोक देते हैं इसके लिए भी एक कठोर कानून बने ताकि कम से कम मृत्यु के बाद परिजनों को अंत्येष्टि करने के लिए परेशान न होना पड़े और ससम्मान शव की अंत्येष्टि हो सके।

मंत्री गुप्ता ने केंद्र और राज्य की योजनाओं में अंशदान जो अभी 60:40 हैं उसे 90:10 करने का अनुरोध किया ताकि राज्य सरकार अपनी व्यवस्था को मजबूती से सुद्दढ़ कर सके।उन्होंने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री को बताया कि राज्य सरकार मांग करती हैं कि 15 से 18 साल उम्र वाले बच्चों की उम्र सीमा न्यूनतम घटाकर 12 साल से 18 साल करें ताकि सभी स्कूल जाने वाले बच्चे इससे लाभान्वित हो सके ताकि स्कूलों कॉलेजों में इसका प्रभाव कम हो सके।  कहा कि जब को-वैक्सीन बच्चों में लगाने की अनुमति आईसीएमआर और भारत ड्रग कंट्रोलर ने दी है, तो बच्चों के वैक्सीनेशन की उम्र सीमा 15 से 18 वर्ष में संशोधित करते हुए इसे 12 से 18 वर्ष किया जाए, ताकि अधिक से अधिक बच्चों को इसका फायदा मिल सके। इस कॉन्फ्रेंसिंग में डीडीसी, एडीसी, एसडीएम, सिविल सर्जन जमशेदपुर, एसीएमओ, एमजीएम सुपरिटेंडेंट, एमजीएम प्रिंसिपल भी उपस्थित रहे। 

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