Edited By Khushi, Updated: 05 Apr, 2025 05:35 PM

Jharkhand News: आज के दौर में हर कोई रील बनाने का शौकीन है। शायद ही कोई होगा जिसे रील बनाने में दिलचस्पी न हो। जो कोई रील बनाने का शौकीन है यह खबर उसके लिए है। दरअसल, रील बनाने वालों को झारखंड सरकार 10 लाख देगी।
Jharkhand News: आज के दौर में हर कोई रील बनाने का शौकीन है। शायद ही कोई होगा जिसे रील बनाने में दिलचस्पी न हो। जो कोई रील बनाने का शौकीन है यह खबर उसके लिए है। दरअसल, रील बनाने वालों को झारखंड सरकार 10 लाख देगी।
जानकारी के मुताबिक झारखंड सरकार ने पर्यटन को प्रमोट करने के लिए एक नई योजना शुरू की है, जिसके तहत आकर्षक और असरदार रील बनाने वाले क्रिएटर्स को 10 लाख तक दिए जाएंगे। रील बनाने के लिए सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर, यूट्यूबर्स, और क्रिएटर्स को आमंत्रित किया जा रहा है। झारखंड सरकार ने कुल 528 पर्यटन स्थलों को सूचीबद्ध किया है, जो 4 श्रेणियों (A, B, C, D) में बांटे गए हैं। इनमें से नेतरहाट की पहाड़ियां, हजारीबाग नेशनल पार्क, बेतला नेशनल पार्क, देवघर का वैद्यनाथ धाम और त्रिकुट पर्वत, रजरप्पा, मलूटी मंदिर, पारसनाथ, लुगु बुरु, मैक्लुस्कीगंज, आदिवासी त्योहार जैसे सरहुल, करमा, सोहराई आदि पर भी रील बन सकती है। खास बात ये है कि रील नई होनी चाहिए। साथ ही दिलचस्प भी होनी चाहिए। कंटेंट में अगर कोई भ्रामक, नकारात्मक या झूठी बात होगी तो कार्रवाई की जाएगी। रील पर कॉपीराइट नहीं होगा, सरकार उपयोग कर सकेगी, सरकार द्वारा रील के प्रचार-प्रसार के लिए उपयोग किए जाने पर निर्माता को श्रेय दिया जाएगा। अलग-अलग पर्यटन स्थलों के रील बनाने होंगे, नया और प्रभावी कंटेंट देना होगा। 1 साल में एक इंफ्लूएंसर को एक बार ही प्रोत्साहन राशि मिलेगी।
झारखंड में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए हेमंत सोरेन सरकार ने ये कदम उठाया है। पहली बार झारखंड सरकार इस दिशा में नीतिगत पहल करने जा रही है। कई सारे रोमांचक और आकर्षक स्थल हैं, जिनका रील के माध्यम से सोशल मीडिया मंच पर प्रचार-प्रसार करने से पर्यटकों की संख्या में इजाफा होगा। नई नीति से शहरों के साथ-साथ गांवों की अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी। स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। पर्यटकों की संख्या बढ़ने से जिलों के उत्पादों का बाजार बढ़ेगा, मांग भी बढ़ेगी। ग्रामीणों की आय का संवर्द्धन होगा। झारखंड के प्राकृतिक स्थलों बेतला नेशनल पार्क, हजारीबाग नेशनल पार्क और नेतरहाट की पहाड़ियों को प्रमोट कर पर्यटकों को आकर्षित किया जा सकता है।