Edited By Khushi, Updated: 03 Apr, 2025 11:17 AM

Waqf Amendment Bill 2025: लोकसभा में वक्फ (संशोधन) बिल पारित हो गया है। लोकसभा में करीब 12 घंटे तक चली बहस के बाद यह पास हुआ है। वक्फ बिल का पूरा नाम वक्फ (संशोधन) विधेयक 2025 और मुसलमान वक्फ (निरसन) विधेयक 2024 है। वहीं, इस पर पक्ष और विपक्ष अपनी...
Waqf Amendment Bill 2025: लोकसभा में वक्फ (संशोधन) बिल पारित हो गया है। लोकसभा में करीब 12 घंटे तक चली बहस के बाद यह पास हुआ है। वक्फ बिल का पूरा नाम वक्फ (संशोधन) विधेयक 2025 और मुसलमान वक्फ (निरसन) विधेयक 2024 है। वहीं, इस पर पक्ष और विपक्ष अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं।
दरअसल, विधेयक में प्रावधान किया गया है कि वक्फ बोर्ड झारखंड में आदिवासियों की जमीन नहीं खरीद सकेगा। इस विधेयक के तहत एक अहम प्रावधान किया गया है, जिसके अनुसार वक्फ बोर्ड अब 'शेड्यूल 5' और 'शेड्यूल 6' की जमीनों पर दावा नहीं कर सकेगा। झारखंड में बड़ी मात्रा में भूमि शेड्यूल 5 के अंतर्गत आती है, जिसका सीधा लाभ वहां के आदिवासी समुदाय को मिलेगा। बिल पारित होने के बाद झारखंड की आदिवासी जमीनों पर वक्फ बोर्ड का कोई कानूनी दावा नहीं रहेगा।
केंद्रीय अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री किरेन रिजिजू ने लोकसभा में वक्फ बिल पेश करते हुए कहा कि झारखंड में वक्फ बोर्ड की हालत ठीक नहीं है। राज्य गठन के बाद झारखंड में जितनी भी सरकारें बनी, वक्फ बोर्ड को नजरअंदाज किया। इसी का परिणाम है कि राज्य गठन के ठीक बाद झारखंड में सुन्नी वक्फ बोर्ड का गठन होना चाहिए था, लेकिन 8 साल बाद इसका गठन हुआ। 5 साल बाद इसका पुनर्गठन होना चाहिए था, लेकिन 2014 में इसका पुनर्गठन हुआ। 2014 के अंत कल्याण विभाग ने बोर्ड के सदस्यों का मनोनयन कर पुनर्गठन तो कर दिया, लेकिन चेयरमैन के चुनाव को लेकर कोई पहल नहीं की गई। नतीजा 5 साल तक बोर्ड बिना चेयरमैन के चलता रहा।
रीजीजू ने लोकसभा में विपक्षी दलों पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने उन मुद्दों पर लोगों को गुमराह करने की कोशिश की, जो वक्फ विधेयक का हिस्सा नहीं हैं। मंत्री ने कहा कि संसद भवन पर भी वक्फ दावा कर रहा था पर पहले की यूपीए सरकार ने काफी संपत्ति गैर-अधिसूचित करके दिल्ली वक्फ बोर्ड को दे दी थी।