Edited By Ramanjot, Updated: 14 Mar, 2026 01:01 PM

बिजली बिल के बड़े बकायेदारों के खिलाफ ऊर्जा विभाग ने सख्त अभियान शुरू कर दिया है। ऊर्जा सचिव मनोज कुमार सिंह ने दोनों वितरण कंपनियों (SBPDCL और NBPDCL) को 31 मार्च तक 100-100 करोड़ रुपये राजस्व वसूली का लक्ष्य दिया है।
Bihar News : बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी लिमिटेड (BSPHCL) ने राज्य के बड़े बिजली बिल बकायेदारों के खिलाफ निर्णायक अभियान शुरू करने का फैसला लिया है। ऊर्जा सचिव सह सीएमडी मनोज कुमार सिंह ने शुक्रवार को विद्युत भवन में आयोजित एक उच्चस्तरीय राजस्व समीक्षा बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि बकाया वसूली में किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
राजस्व वसूली के लिए 'डेडलाइन' तय
वित्तीय वर्ष की समाप्ति को देखते हुए विभाग ने दोनों वितरण कंपनियों को भारी-भरकम लक्ष्य सौंपा है:
साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन (SBPDCL): 100 करोड़ रुपये का संग्रह।
नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन (NBPDCL): 100 करोड़ रुपये का संग्रह।
अंतिम तिथि: 31 मार्च तक यह लक्ष्य हर हाल में पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।
डिफॉल्टरों की बनेगी 'कुंडली', होगी कानूनी कार्रवाई
बैठक में तय किया गया कि अब केवल नोटिस देने से काम नहीं चलेगा। विभाग ने निम्नलिखित कड़े कदम उठाने का निर्णय लिया है:
- बड़े बकायेदारों की सूची को हर हफ्ते अपडेट किया जाएगा।
- भारी बकाया होने पर बिना देरी किए बिजली कनेक्शन काट दिए जाएंगे।
- जानबूझकर भुगतान न करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई (FIR/Certificate Case) की तैयारी की जा रही है।
- वसूली की रफ्तार बढ़ाने के लिए फील्ड अधिकारियों को घर-घर जाकर कैंप लगाने के निर्देश दिए गए हैं।
डबल कनेक्शन और 'जुगाड़' पर वार
ऊर्जा सचिव ने अधिकारियों को 'डबल कनेक्शन' जैसी धांधलियों को पकड़ने का विशेष निर्देश दिया है। जांच में सामने आया है कि कई उपभोक्ता एक ही परिसर में अलग-अलग नामों से कनेक्शन लेकर बिल भुगतान से बचने की कोशिश करते हैं। अब ऐसे मामलों की पहचान कर उन पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा। ऊर्जा सचिव मनोज कुमार सिंह ने कहा कि बिजली का उपभोग करने वालों को ईमानदारी से भुगतान करना होगा। जो लोग सालों से बिल दबाए बैठे हैं, उनके खिलाफ अब जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी। लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर भी गाज गिर सकती है।