अवैध जमाबंदी के आरोप में राजस्व कर्मचारी बर्खास्त, DM का बड़ा एक्शन

Edited By Ramanjot, Updated: 08 Jun, 2026 04:19 PM

revenue employee dismissed over allegations of illegal land record entry

बिना सक्षम प्राधिकार के आदेश से अवैध जमाबंदी कायम करने एवं विभिन्न रैयतों के नाम से अवैध रूप से फर्जी लगान रसीद निर्गत करने के आरोप में उन्हें सेवा से बर्खास्त किया गया है।

Patna News: पटना के जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एस.एम. ने कार्यों में घोर लापरवाही एवं अनियमितता के आरोप में राजस्व कर्मचारी मधेश राम को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया है। कर्मचारी मधेश राम वर्तमान में अंचल कार्यालय, पुनपुन में पदस्थापित थे। इनके विरूद्ध फर्जी लगान रसीद के आधार पर जमाबंदी कायम करने का प्रमाणित आरोप है। 

बिना सक्षम प्राधिकार के आदेश से अवैध जमाबंदी कायम करने एवं विभिन्न रैयतों के नाम से अवैध रूप से फर्जी लगान रसीद निर्गत करने के आरोप में उन्हें सेवा से बर्खास्त किया गया है। जिलाधिकारी ने कहा कि यह मामला घोर कदाचार की श्रेणी में आता है और इसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है। इस मामले की जांच के दौरान यह प्रमाणित हुआ कि राजस्व कर्मचारी मधेश राम ने अंचल कार्यालय, मसौढ़ी में पदस्थापना के समय फर्जी रूप से लगान रसीद काटी तथा काटे गए रसीद के आधार पर भू-धारियों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से भू-स्वामित्व प्रमाण-पत्र निर्गत करने की अनुशंसा की। 

डॉ. त्यागराजन ने कहा कि राजस्व कर्मचारी की ओर से पद का दुरूपयोग कर गलत मंशा से नियम के प्रतिकूल कार्य किया गया, जिसकी वजह से कार्यालय की छवि धूमिल हुई है। उन्होंने कहा कि फर्जी जमाबंदी के आधार पर निर्गत फर्जी लगान रसीद पर भू-स्वामित्व प्रमाण-पत्र की अनुशंसा पूर्णत: गलत है। उन्होंने कहा कि अवैध जमाबंदी एवं फर्जी लगान रसीद तथा उसके आधार पर एलपीसी की अनुशंसा में आरोपी राजस्व कर्मचारी मधेश राम की मिलीभगत प्रमाणित हुई है। 

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