Edited By Harman, Updated: 28 Feb, 2025 03:15 PM
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झारखंड के सरायकेला खरसावां जिले में जन्मे एक शिशु को देखते ही सब लोग हैरान हो गए। दरअसल बच्चे शारीरिक विकास उचित्त ढंग से नहीं हो पाया है। बच्चे के पैरों के जगह मछली की पूंछ जैसी सरंचना बनी हुई है और लिंग भी विकसित नही हैं। वहीं बच्चे का वजन भी केवल...
Jharkhand News: झारखंड के सरायकेला खरसावां जिले में जन्मे एक शिशु को देखते ही सब लोग हैरान हो गए। दरअसल बच्चे शारीरिक विकास उचित्त ढंग से नहीं हो पाया है। बच्चे के पैरों के जगह मछली की पूंछ जैसी सरंचना बनी हुई है और लिंग भी विकसित नही हैं। वहीं बच्चे का वजन भी केवल डेढ़ किलो है। जिसके बाद बच्चे की इस तरह की स्थिति को देखते हुए तत्काल इलाज के लिए जमशेदपुर के एमजीएम अस्पताल रेफर कर दिया गया।
मिली जानकारी के मुताबिक, बुधवार को नीमडीह थाना क्षेत्र के पारगामा निवासी बिनोद सिंह सरदार की पत्नी आशा सिंह सरदार को प्रसव पीड़ा शुरू हुई, जिसके बाद उन्हें तुरंत नीमडीह प्रखंड के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) लाया गया। यहां आशा सिंह सरदार ने एक दुर्लभ बच्चे को जन्म दिया, जिसके बाद स्थिति को देखते हुए बच्चे को जमशेदपुर के एमजीएम अस्पताल भेजा गया। सरायकेला-खरसावां के सिविल सर्जन डॉ. अजय कुमार सिन्हा ने बताया कि मेडिकल साइंस में इसे डिफॉर्मेटी बाई बर्थ कहा जाता है। प्रेगनेंसी के दौरान जीन के म्यूटेशन के चलते ऐसे अंग विकसित हो जाते हैं।
बता दें कि एमजीएम अस्पताल में बच्चे का इलाज विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम द्वारा किया जा रहा है। फिलहाल चिकित्सक बच्चे की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। वहीं डॉक्टरों ने इस मामले को मेडिकल फील्ड के लिए एक दुर्लभ और अनोखा मामला माना है।