डीप डिप्रेशन के कारण बिगड़ा मौसम: झारखंड के 11 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, बिजली गिरने की भी आशंका

Edited By Ramanjot, Updated: 24 Sep, 2026 12:29 PM

heavy rain alert for 11 districts of jharkhand

​​​​​​​जिला प्रशासन और स्थानीय अधिकारियों ने पर्यटकों, आगंतुकों और स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे जोन्हा और हुंडरू झरनों के आसपास के इलाकों में जाते समय बहुत सावधानी बरतें।

रांची: झारखंड में गुरुवार को गहरे दबाव (डीप डिप्रेशन) के कारण हल्की से मध्यम बारिश हुई। राज्य प्रशासन ने झरनों पर जाने वाले पर्यटकों के लिए सुरक्षा सलाह जारी की है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 'ऑरेंज' अलर्ट (तैयार रहें) जारी किया है। इसके तहत शुक्रवार सुबह 8.30 बजे तक 24 घंटों के लिए रांची, खूंटी, गुमला, सिमडेगा और पश्चिमी सिंहभूम जिलों में कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है। 

IMD के बुलेटिन के अनुसार, इसी अवधि के लिए 11 जिलों में भारी बारिश की संभावना को देखते हुए 'येलो' अलर्ट (जानकारी रखें) भी जारी किया गया है। रांची मौसम विज्ञान केंद्र के उप निदेशक अभिषेक आनंद ने कहा, "गुरुवार को झारखंड के दक्षिणी और मध्य हिस्सों के कुछ इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश की उम्मीद है। कुछ जिलों में तेज हवाओं (50 किमी प्रति घंटे तक की गति) के साथ बिजली गिरने की भी संभावना है। उन्होंने कहा कि शुक्रवार शाम से बारिश की तीव्रता कम होने की संभावना है।

पर्यटकों के लिए सुरक्षा चेतावनी जारी
इस बीच, रांची प्रशासन ने राज्य के प्रसिद्ध झरनों- जैसे जोन्हा, हुंडरू, दशम, सीता और रेमिक्स फॉल्स - पर जाने वाले पर्यटकों के लिए सुरक्षा चेतावनी जारी की है। बुधवार को हुंडरू फॉल्स में सेल्फी लेते समय तेज बहाव में बह जाने के बाद दो पर्यटकों को बचाया गया था। प्रशासन ने एक बयान में कहा, "रांची और आसपास के इलाकों में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण जोन्हा, हुंडरू, दशम, सीता और रेमिक्स फॉल्स समेत सभी झरने पूरे उफान पर हैं, इसलिए पर्यटकों के लिए सुरक्षा चेतावनी जारी की गई है। झरने अपने चरम प्रवाह पर हैं। हालांकि यह दृश्य मनमोहक और आकर्षक है, लेकिन यह बेहद खतरनाक भी है।"

झरनों के पास न जाने की अपील 
जिला प्रशासन और स्थानीय अधिकारियों ने पर्यटकों, आगंतुकों और स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे जोन्हा और हुंडरू झरनों के आसपास के इलाकों में जाते समय बहुत सावधानी बरतें। बयान में आगे कहा गया, "फिलहाल, झरनों के आसपास के इलाके बहुत जोखिम भरे हैं। तेज बहाव, फिसलन भरी चट्टानें और जल स्तर में अचानक बढ़ोतरी की संभावना पर्यटकों के लिए गंभीर खतरा पैदा करती है।" प्रशासन ने सलाह दी है कि पर्यटक झरनों के पास न जाएं, सुरक्षित जगहों पर रहें और स्थानीय प्रशासन व पुलिस द्वारा जारी सभी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करें।

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