Edited By Ramanjot, Updated: 03 Mar, 2026 05:42 PM

पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और ईरान-इज़राइल संघर्ष के कारण सोने-चांदी की कीमतों में तेज उछाल देखा गया है। इंटरनेशनल मार्केट में गोल्ड रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गया, जबकि घरेलू बाजार में भी दाम मजबूत रहे।
Gold-Silver Crash Alert: पश्चिम एशिया (Middle East) में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और ईरान-इजरायल के बीच छिड़ी जंग ने वैश्विक वित्तीय बाजारों में खलबली मचा दी है। निवेशकों के लिए 'सुरक्षित पनाहगाह' (Safe Haven) माना जाने वाला सोना और चांदी अब 'तपिश' महसूस कर रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार से लेकर घरेलू बाजार (MCX) तक, कीमतों ने अब तक के सभी रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं। हालांकि, बाजार विशेषज्ञों ने एक बड़ी चेतावनी जारी करते हुए निवेशकों को संभलकर कदम उठाने की सलाह दी है।
आसमान छूती कीमतें: $5400 के पार निकला सोना
ईरान द्वारा होर्मुज स्ट्रेट को बंद करने की धमकी और अमेरिका-इजरायल के बढ़ते हमलों ने बाजार में अनिश्चितता पैदा कर दी है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार: सोमवार को स्पॉट गोल्ड की कीमतें $5,400 प्रति औंस के ऐतिहासिक स्तर को पार कर गईं। फिलहाल यह $5,362 के आसपास कारोबार कर रहा है।
घरेलू बाजार (MCX): भारतीय बाजार में 10 ग्राम सोने की कीमत ₹1,70,000 के जादुई आंकड़े पर पहुंच गई है।
चांदी की चमक: चांदी भी पीछे नहीं है, स्पॉट सिल्वर $89.64 प्रति औंस पर ट्रेड कर रही है, जो चार हफ्तों का उच्चतम स्तर है।
विशेषज्ञों की चेतावनी: क्या यह 'प्रॉफिट बुकिंग' का समय है?
बाजार के जानकारों का मानना है कि सोने-चांदी की यह तेजी केवल युद्ध की वजह से नहीं है, बल्कि इसके पीछे सेंट्रल बैंकों की खरीदारी और 'डी-डॉलराइजेशन' जैसे गहरे आर्थिक कारण भी हैं।
INVasset PMS के बिजनेस हेड, हर्षल दसानी के अनुसार, "यदि युद्ध के तनाव में थोड़ी भी कमी आती है या कोई कूटनीतिक (Diplomatic) समाधान निकलता है, तो सोने में 3–5% और चांदी में 5–8% की अचानक गिरावट आ सकती है।"
कोटक महिंद्रा AMC के फंड मैनेजर, सतीश डोंडापति ने बताया कि मजबूत होता अमेरिकी डॉलर भी सोने की कीमतों पर दबाव बना सकता है। अगर डॉलर इंडेक्स में मजबूती आती है, तो बुलियन मार्केट में तेज सुधार (Correction) देखने को मिल सकता है।