Edited By Ramanjot, Updated: 10 Feb, 2026 02:55 PM

बिहार के पूर्णिया से निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव के लिए राहत भरी खबर आई है।
Pappu Yadav Bail: बिहार के पूर्णिया से निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव (Pappu Yadav) के लिए राहत भरी खबर आई है। सिविल कोर्ट ने तीन दशक से भी अधिक पुराने एक मामले में सुनवाई करते हुए सांसद को जमानत दे दी है। करीब 31 साल पुराने इस कानूनी विवाद में दोपहर 2 बजे अदालत ने अपना फैसला सुनाया। हालांकि, वे फिलहाल जेल में ही रहेंगे। बताया जा रहा है कि अभी दो मामलों में पप्पू यादव को जमानत नहीं मिली है। इस मामले में कल यानी बुधवार को सुनवाई होगी।
क्या है पूरा मामला
दरअसल, पप्पू यादव की हालिया गिरफ्तारी ने बिहार की सियासत में हलचल पैदा कर दी थी। यह कार्रवाई किसी नए मामले में नहीं, बल्कि साल 1995 के एक पुराने विवाद को लेकर हुई। 6 फरवरी की देर रात हुई इस गिरफ्तारी के तार पटना के गर्दनीबाग थाने में दर्ज तीन दशक पुराने एक धोखाधड़ी के मामले से जुड़े हैं। मामले की जड़ में एक मकान का किराया विवाद और जालसाजी है। शिकायतकर्ता विनोद बिहारी लाल के अनुसार, पप्पू यादव और उनके सहयोगियों ने उनका मकान व्यक्तिगत उपयोग (Personal use) के नाम पर किराए पर लिया था। आरोप है कि बाद में मकान मालिक को बताए बिना, धोखे से उस मकान का उपयोग सांसद के कार्यालय के रूप में किया जाने लगा। इस मामले में जालसाजी और दस्तावेजों में हेरफेर से जुड़ी धारा 467 (दस्तावेजों की जालसाजी) समेत कई अन्य संगीन धाराएं लगाई गई थीं।
गिरफ्तारी की नौबत क्यों आई?
गिरफ्तारी की नौबत क्यों आई? कानूनी जानकारों के अनुसार, यह मामला 'MP-MLA कोर्ट' में लंबित था। अदालत ने सांसद को कई बार समन जारी किए, लेकिन उनके पेश न होने पर कोर्ट ने सख्त रुख अख्तियार किया। अदालत ने उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट और संपत्ति कुर्की (Attachment of Property) का आदेश जारी किया। 6 फरवरी की देर रात पटना पुलिस ने उनके मंदिरी स्थित आवास पर छापेमारी की और उन्हें हिरासत में ले लिया। गिरफ्तारी के बाद उन्हें कोर्ट में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें दो दिन की न्यायिक हिरासत में बेऊर जेल भेज दिया गया था।