रोजगार लिंक्ड प्रोत्साहन योजना से बिहार में खुलेंगे रोजगार के नए द्वार: श्रम मंत्री संतोष कुमार सिंह

Edited By Ramanjot, Updated: 14 Jul, 2025 10:09 PM

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श्रम संसाधन मंत्री संतोष कुमार सिंह ने सोमवार को भारत सरकार की रोजगार लिंक्ड प्रोत्साहन योजना को मंजूरी मिलने का स्वागत किया है।

पटना: श्रम संसाधन मंत्री संतोष कुमार सिंह ने सोमवार को भारत सरकार की रोजगार लिंक्ड प्रोत्साहन योजना को मंजूरी मिलने का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि मैं बिहार की जनता की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हृदय से धन्यवाद और आभार व्यक्त करता हूं। बिहार ऐसा एकमात्र राज्य है, जहां के लोग देश के हर कोने में श्रमिक के रूप में कार्य करते हैं। यह योजना उन श्रमिकों के लिए एक मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने कहा कि यह ऐतिहासिक योजना न केवल रोजगार सृजन को बढ़ावा देगी, बल्कि सामाजिक सुरक्षा को भी मजबूत करेगी। बिहार सहित देश भर के करोड़ों युवाओं को इससे लाभ मिलेगा।

इस दौरान केंद्रीय मंत्री मनसुख मंडावीया ने बिहार सरकार के सहयोग और श्रमिकों के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे कार्यक्रमों की सराहना की और मंत्री संतोष कुमार सिंह का मनोबल बढ़ाते हुए उन्हें केंद्र से हर संभव मदद दिलाने का भरोसा दिया है। श्रम संसाधन मंत्री संतोष कुमार सिंह ने बताया कि इस कार्यक्रम में देशभर के उद्योगपति उपस्थित हैं, यह बिहार के लिए एक बहुत बड़ा अवसर है। हमारे राज्य में फूड प्रोसेसिंग और कृषि क्षेत्र में कई कारखाने गांव-गांव में स्थापित किए जा सकते हैं। बिहार में इस क्षेत्र में असीम संभावनाएं हैं, जो देश के अन्य किसी राज्य में नहीं है। हमारे ग्रामीण क्षेत्रों में, 'राइस क्रिस्प' (टूटा हुआ चावल) होता है, जिसे आमतौर पर पशुओं को खिलाया जाता है। अब इसका भी व्यावसायिक उपयोग हो सकता है। ऐसे प्रयासों से न केवल उद्योग का विकास होगा, बल्कि स्थानीय लोगों को रोजगार भी मिलेगा। 

उन्होंने कहा कि बिहार वह राज्य है जहां श्रमिक उपलब्ध हैं, सड़क, कनेक्टिविटी, एयरपोर्ट जैसी बुनियादी सुविधाएं भी तैयार हैं। हमारे प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नेतृत्व में 'डबल इंजन की सरकार' बिहार को विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जा रही है। इसलिए मेरा सभी उद्यमियों से आग्रह है कि बिहार आकर फूड प्रोसेसिंग और कृषि आधारित उद्योगों में निवेश करें। हम आपका स्वागत करेंगे। 

श्रम मंत्री ने कहा कि इसका मुख्य उद्देश्य विनिर्माण और अन्य प्रमुख क्षेत्रों में रोजगार के अवसरों का निर्माण, कार्यबल की उत्पादकता में सुधार और औपचारिक रोजगार को बढ़ावा देना है। यह योजना 01 अगस्त, 2025 से 31 जुलाई, 2027 तक सृजित नौकरियों पर लागू होगी। इस योजना के तहत दो वर्षों की अवधि में 99,446 करोड़ रुपए के बजटीय प्रावधान के साथ 3.5 करोड़ से अधिक नौकरियों के सृजन का लक्ष्य रखा गया है। योजना को ईपीएफओ के माध्यम से लागू किया जाएगा।

संतोष सिंह ने बताया कि इस योजना के तहत कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा का कवरेज मिलेगा और पहली बार नौकरी करने वालों के लिए ऑन-जॉब ट्रेनिंग, वित्तीय साक्षरता, और कौशल विकास की सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके अतिरिक्त, नौकरी में निरंतरता को बढ़ावा देने के लिए कर्मचारियों को न्यूनतम 6 महीने तक कार्यरत रहना होगा। इससे न केवल रोजगार क्षमता बढ़ेगी, बल्कि युवा कार्यबल के आत्मविश्वास में भी वृद्धि होगी।

नियोक्ताओं के लिए यह योजना आकर्षक है क्योंकि उन्हें अतिरिक्त रोजगार सृजन की लागत की आंशिक भरपाई सरकार द्वारा की जाएगी। इससे कार्यबल की स्थिरता, उत्पादकता और औपचारिक रोजगार दर में बढ़ोतरी होगी। 

इस योजना के संदर्भ में सोमवार को आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में देश भर के राज्य श्रम मंत्रियों और उद्योग मंत्रियों ने भाग लिया। बैठक के बाद मंत्री संतोष कुमार सिंह ने कहा कि बिहार सरकार इस योजना के लाभ को राज्य के हर ज़िले तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है और इससे रोजगार और सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव आयेगा।

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