बर्खास्त सिपाही का बड़ा खेल: खुद की ‘स्पेशल टीम' बनाकर करता था ठगी, रोज देता था 1500 रुपए; पांच जालसाज गिरफ्तार

Edited By Ramanjot, Updated: 23 Apr, 2026 05:03 PM

dismissed constable formed his own  special team  to commit fraud five arrested

पुलिस ने फर्जी पुलिस बनकर ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। गिरोह का सरगना बर्खास्त पूर्व सिपाही था, जिसने नकली STF टीम बनाकर लोगों को पैसे दोगुना-तीन गुना करने का लालच देकर लूटता था।

Bihar News: बिहार के पूर्वी चंपारण जिले में पुलिस ने एक ऐसे शातिर गिरोह का खुलासा किया है जो ‘पुलिस' बनकर आम लोगों और व्यापारियों को अपनी ठगी का शिकार बनाता था। पुलिस सूत्रों ने गुरुवार को बताया कि इस गिरोह का संचालन पुलिस विभाग से ही बर्खास्त एक पूर्व सिपाही कर रहा था। पुलिस ने गिरोह के सरगना समेत पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया है। 

सूत्रों ने बताया कि मामले का खुलासा तब हुआ जब मुफ्फसिल थाने में सबदर नामक व्यक्ति ने अपने अपहरण की एक झूठी शिकायत दर्ज कराई। इसी बीच सैफुद्दीन नामक एक अन्य व्यक्ति ने मारपीट का आवेदन दिया। जब प्रशिक्षु पुलिस उपाधीक्षक (DSP) सह थानाध्यक्ष कुमारी प्रियंका ने मामले की गहराई से जांच शुरू की, तो कड़ियां जुड़ती गईं। सबसे पहले पुलिस ने शिकायतकर्ता सबदर को ही हिरासत में लिया, जिसकी निशानदेही पर आरिफ और फिर गिरोह के मास्टरमाइंड एलबी राम उर्फ लालबाबू राम की गिरफ्तारी हुई। 

पुलिस की जांच में पता चला कि मास्टरमाइंड एलबी राम साल 2022 में पुलिस सेवा से बर्खास्त किया गया था। उसने ठगी के लिए एक फर्जी विशेष कार्य बल (STF) की टीम तैयार की थी। इसमें उसने चुनाव ड्यूटी के दौरान मिले दो सेवानिवृत्त होमगार्ड जवानों, लालबाबू साह और राजेंद्र राय को भी शामिल कर लिया। एलबी राम इन रिटायर्ड जवानों को प्रतिदिन 1500 रुपए देता था और खुद को फेनहारा का अपर थानाध्यक्ष बताकर उन पर रौब जमाता था। गिरोह के काम करने का तरीका बेहद शातिर था। गिरोह का सदस्य सबदर लोगों को झांसा देता था कि वह उनके पैसे तीन गुना कर देगा। जब शिकार मोटी रकम लेकर पहुंचता, तो एलबी राम अपनी फर्जी एसटीएफ की टीम के साथ वहां ‘छापेमारी' कर देता। नकली पुलिस बनकर वे सारा कैश जब्त कर लेते और पीड़ित को गिरफ्तार करने का डर दिखाकर मौके से भगा देते या उससे और पैसे वसूलते। 

सदर डीएसपी-2 जितेश पांडे ने बताया कि गिरोह के पास से भारी मात्रा में आपत्तिजनक सामान बरामद हुआ है। बरामद सामानों की सूची में नकद 1,81,200 रुपए, ‘पुलिस' लिखी हुई तीन चारपहिया गाड़ियां, एक बाइक के साथ भारी मात्रा में पुलिस के उपयोग की सामग्री यथा वर्दी, बेल्ट, टोपी, नेम प्लेट, लाठी और अन्य उपकरण शामिल हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि इस गिरोह ने मोतिहारी के नगर थाना और मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के अलावा बिहार के कई अन्य जिलों में भी लूट और ठगी की वारदातों को अंजाम दिया है। पीड़ितों ने गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कर ली है। 

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