एक हफ्ते में 23 अधिकारियों पर गिरी गाज, राजस्व विभाग में मची खलबली

Edited By Ramanjot, Updated: 03 Jun, 2026 10:36 AM

23 officers were punished in week in bihar

सरकारी जमीन, दाखिल-खारिज, परिमार्जन तथा राजस्व प्रशासन से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी, भ्रष्टाचार या लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विभाग की 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत दोषी अधिकारियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी रहेगी।

Bihar News: बिहार राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के खिलाफ मंगलवार को आठ अंचल अधिकारियों एवं राजस्व अधिकारियों के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई की है। राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल द्वारा अनुमोदित निर्णय के तहत विभिन्न मामलों में विभागीय कार्रवाई, आरोप पत्र गठन, वेतन वृद्धि पर रोक तथा विशेष जांच जैसे कदम उठाए गए हैं। 

मंत्री डॉ. जायसवाल ने स्पष्ट किया है कि सरकारी जमीन, दाखिल-खारिज, परिमार्जन तथा राजस्व प्रशासन से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी, भ्रष्टाचार या लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विभाग की 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत दोषी अधिकारियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी रहेगी। 

रोहतास जिले के डिहरी की तत्कालीन अंचल अधिकारी एवं वर्तमान में सेवानिवृत्त सीमा रानी पर सरकारी भूमि से संबंधित अभिलेखों में जालसाजी कर सरकारी जमीन के बंदरबांट के मामले को गंभीरता से नहीं लेने, दाखिल-खारिज अपील के आदेश का अनुपालन नहीं करने तथा नियमों के विरुद्ध अपने चहेते कर्मी को लाभ पहुंचाने के आरोप हैं। इस मामले में विभागीय कार्यवाही संचालित करने का निर्णय लिया गया है।

औरंगाबाद के तत्कालीन राजस्व अधिकारी तथा वर्तमान में बक्सर जिले के इटाढ़ी अंचल अधिकारी संतोष कुमार प्रीतम पर गैरमजरूआ मालिक खाते की भूमि को रैयती बताकर दाखिल-खारिज की अनुशंसा करने का आरोप सिद्ध होने पर संचयी प्रभाव के बिना एक वेतन वृद्धि पर रोक लगाने का दंड दिया गया है। 

गोपालगंज जिले के बरौली के तत्कालीन राजस्व अधिकारी विजय कुमार सिंह, जिन्हें निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने जनवरी 2026 में रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया था, उनके विरुद्ध आरोप पत्र गठित किया गया है। वर्तमान में वे निलंबित हैं। 

मुजफ्फरपुर जिले के मोतीपुर की तत्कालीन अंचल अधिकारी रूचि कुमारी पर बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण (बियाडा) की भूमि को निजी व्यक्ति के पक्ष में दाखिल-खारिज करने के गंभीर आरोप लगे हैं। मामले की गहन जांच के लिए मुख्यालय स्तर पर दो सदस्यीय जांच दल गठित किया गया है। 

बेगूसराय जिले के साहेबपुरकमाल के तत्कालीन प्रभारी अंचल अधिकारी तथा वर्तमान में सुपौल के अपर जिला भू-अर्जन पदाधिकारी चंदन कुमार पर बाढ़ राहत मद की राशि में 11.47 लाख रुपए की वित्तीय अनियमितता का आरोप है। इस मामले में भी आरोप पत्र गठित किया गया है। 

पश्चिम चंपारण के बगहा-1 के अंचल अधिकारी उदय शंकर मिश्रा पर गैरमजरूआ खाते की भूमि का खाता बदलकर बिना स्थलीय जांच के दाखिल-खारिज स्वीकृत करने के आरोप में आरोप पत्र गठित किया गया है। 

पूर्वी चंपारण के रामगढ़वा अंचल अधिकारी राजा कुमार पर राजस्व कार्यों में बिचौलियों के माध्यम से रिश्वतखोरी, भ्रष्टाचार तथा परिमार्जन जैसे महत्वपूर्ण मामलों के समय पर निष्पादन में विफल रहने के आरोप लगे हैं। उनके विरुद्ध भी आरोप पत्र गठित किया गया है। 

वहीं पश्चिम चंपारण के रामनगर के तत्कालीन अंचल अधिकारी एवं वर्तमान में भू-अर्जन कार्यालय, पश्चिम चंपारण में पदस्थापित राजस्व अधिकारी-सह-कानूनगो विनोद कुमार मिश्रा पर विभिन्न दाखिल- खारिज वादों में गैरमजरूआ भूमि का खाता-खेसरा बदलकर स्वीकृति देने के आरोप में आरोप पत्र गठित किया गया है। 

गौरतलब है कि मंत्री ने इससे पहले 27 मई को 14 अंचल अधिकारियों एवं राजस्व अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की थी। इसके बाद एक जून को सासाराम सदर अंचल के अंचल अधिकारी पर भी विभागीय कार्रवाई की गई थी। मंगलवार की कार्रवाई को जोड़ दें तो पिछले एक सप्ताह के भीतर कुल 23 अधिकारियों पर विभाग की गाज गिर चुकी है। 

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