अपनों ने छोड़ा साथ तो मुस्लिम युवकों ने पेश की मिसाल...कंधों पर उठाई हिंदू महिला की अर्थी

Edited By Nitika, Updated: 28 Apr, 2021 06:33 PM

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देशभर में जहां एक तरफ कोरोना महामारी के डर से लोगों ने अपनों का साथ छोड़ दिया है, वहीं दूसरी तरफ मुश्किल के इस दौर में मुस्लिम युवकों ने इंसानियत की मिसाल पेश की है। उन्होंने न केवल हिंदू महिला का शव कंधे पर उठाया बल्कि उसका अंतिम संस्कार भी किया।

 

गयाः देशभर में जहां एक तरफ कोरोना महामारी के डर से लोगों ने अपनों का साथ छोड़ दिया है, वहीं दूसरी तरफ मुश्किल के इस दौर में मुस्लिम युवकों ने इंसानियत की मिसाल पेश की है। उन्होंने न केवल हिंदू महिला का शव कंधे पर उठाया बल्कि उसका अंतिम संस्कार भी किया।

जानकारी के अनुसार, घटना गया जिले के इमामगंज का है, जहां रानीगंज के तेतरिया गांव की प्रभावती देवी कुछ दिनों से बीमार चल रही थी। उन्हें रानीगंज के एक निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। अचानक उनकी तबीयत बिगड़ने लगी तो इसे देख वहां के डॉक्टरों ने महिला को कोरोना रिपोर्ट जांच करवाने की सलाह दी। जब महिला की कोरोना जांच करवाई गई तो उनकी रिपोर्ट नेगेटिव आई। इसके बाद महिला को उनके परिजन घर ला ही रहे थे कि रास्ते में ही उनकी मौत हो गई।

वहीं परिजनों के मन में आशंका थी कि उसे कोरोना होने के कारण ही मौत हुई है, जिसके कारण डरे परिजनों ने मृतक के शव को हाथ नहीं लगाया और उसे गाड़ी में ही छोड़ गए। शव दोपहर से रात तक गाड़ी में ही पड़ा रहा। इसक बाद जब मुस्लिम समाज के लोगों को इस बात की जानकारी मिली तो वे परिवारवालों के पास पहुंचे। उन्होंने शव को खुद अपने हाथों से गाड़ी से उतारा और गांव से बांस काटकर मृतक की अर्थी बनाई।

बता दें कि यह सब देख मुस्लिम युवकों के पीछे-पीछे मृतक के पती और बेटे आगे आए। इसके बाद मृतक के पार्थिव शरीर को उनके दोनों पुत्र और मुस्लिम युवकों ने कंधा देकर श्मशान तक पहुंचाया। इस दौरान रास्ते में 'राम नाम सत्य' भी बोला और श्मशान में जाकर हिंदू रीति-रिवाज से अंतिम संस्कार भी किया।
 

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