Edited By Ramanjot, Updated: 20 Apr, 2026 10:23 AM

जीएनएम नर्सिंग संस्थान में प्रशिक्षण अवधि के दौरान छात्राओं के विवाह पर रोक लगाने वाला विवादित आदेश रद्द कर दिया गया है। सोशल मीडिया पर नोटिस वायरल होने के बाद प्रशासन हरकत में आया।
Bihar News: बिहार के गोपालगंज जिले के हथुआ स्थित जीएनएम (नर्सिंग) प्रशिक्षण संस्थान में छात्राओं के प्रशिक्षण अवधि के दौरान विवाह पर प्रतिबंध लगाने के आदेश को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया गया है और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
आधिकारिक सूत्रों ने अनुसार, संस्थान की ओर से जारी एक नोटिस में छात्राओं को तीन वर्षीय प्रशिक्षण अवधि के दौरान शादी नहीं करने का निर्देश दिया गया था। नोटिस में यह भी कहा गया था कि नियम का उल्लंघन करने पर छात्रा का नामांकन रद्द कर दिया जाएगा। यह नोटिस कॉलेज परिसर की दीवारों पर चस्पा किया गया था, जो बाद में सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। यह नियम एएनएम और जीएनएम दोनों पाठ्यक्रमों में लागू बताया जा रहा था।
24 घंटे में मांगी गई रिपोर्ट
संस्थान की प्राचार्या मानसी सिंह ने कहा कि नर्सिंग की पढ़ाई आवासीय होती है और छात्राएं संस्थान की निगरानी में रहती हैं। ऐसे में विवाह होने से पढ़ाई प्रभावित हो सकती है, इसी कारण विभागीय निर्देशों के अनुरूप यह नियम लागू किया गया था। मामले के संज्ञान में आते ही गोपालगंज के जिलाधिकारी पवन कुमार सिन्हा ने इसे गंभीरता से लेते हुए हथुआ के अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीएम) को जांच के निर्देश दिए। उन्होंने 24 घंटे के भीतर रिपोर्ट सौंपने को कहा और स्पष्ट किया कि जांच के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
प्राचार्या से जवाब तलब
गोपालगंज के सिविल सर्जन डॉ. वीरेंद्र प्रसाद ने बताया कि मामले की जांच के बाद प्राचार्या द्वारा जारी आदेश को रद्द कर दिया गया है। साथ ही प्राचार्या से इस संबंध में स्पष्टीकरण मांगा गया है। उन्होंने कहा कि यदि संतोषजनक जवाब नहीं मिलता है तो उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।