24 जून तक इस राज्य में झमाझम बारिश के आसार, वज्रपात की भी चेतावनी; मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट

Edited By Ramanjot, Updated: 19 Jun, 2026 02:27 PM

heavy rainfall expected in jharkhand until june 24 imd issues alert

​​​​​​​मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, एक जून से 18 जून तक झारखंड में सामान्य से 59 प्रतिशत कम बारिश हुई है। इस अवधि में सामान्य वर्षापात 74.9 मिमी होना चाहिए था, जबकि वास्तविक वर्षा केवल 30.8 मिमी दर्ज की गई।

Jharkhand Weather: झारखंड की राजधानी रांची समेत राज्य के कई जिलों में शुक्रवार सुबह तेज बारिश हुई। आसमान में घने काले बादल छाए हुए हैं और मौसम सुहावना हो गया है। गुरुवार को दिनभर उमस भरी गर्मी से लोग परेशान रहे, हालांकि पलामू, कोडरमा और गुमला समेत कुछ इलाकों में हुई बारिश से राहत मिली। 

कई हिस्सों में ऑरेंज अलर्ट जारी
मौसम विभाग ने राज्य के कई हिस्सों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार रांची, खूंटी, रामगढ़, बोकारो, धनबाद, गिरिडीह, जामताड़ा, देवघर, दुमका, सरायकेला- खरसावां तथा पूर्वी एवं पश्चिमी सिंहभूम जिलों में अच्छी बारिश होने की संभावना है। कई स्थानों पर रुक-रुक कर वर्षा होती रहेगी। मौसम विभाग ने मेघ गर्जन, वज्रपात और 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी भी जारी की है। विशेष रूप से रांची, बोकारो, धनबाद, गिरिडीह, देवघर, दुमका, जामताड़ा और पूर्वी सिंहभूम के लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। 

24 जून तक लगातार बारिश के आसार
विभाग के अनुसार अगले तीन दिनों में राज्य के अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है। इसके बाद अगले दो दिनों तक तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि 24 जून तक झारखंड में लगातार बारिश का दौर बना रह सकता है। पिछले 24 घंटे के दौरान राज्य के कई हिस्सों में गर्जन के साथ हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। सर्वाधिक 35.0 मिमी वर्षा बालूमाथ में रिकॉर्ड की गई। वहीं सबसे अधिक अधिकतम तापमान 42.4 डिग्री सेल्सियस डाल्टनगंज में दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 20.6 डिग्री सेल्सियस लातेहार में रहा। 

मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, एक जून से 18 जून तक झारखंड में सामान्य से 59 प्रतिशत कम बारिश हुई है। इस अवधि में सामान्य वर्षापात 74.9 मिमी होना चाहिए था, जबकि वास्तविक वर्षा केवल 30.8 मिमी दर्ज की गई। गढ़वा जिला अब तक 100 प्रतिशत वर्षा घाटे की स्थिति में है। विशेषज्ञों के अनुसार प्रशांत महासागर में विकसित हो रही अल नीनो परिस्थितियां और स्थानीय स्तर पर मानसून की धीमी प्रगति राज्य में सामान्य से कम वर्षा के प्रमुख कारण हैं। हालांकि आने वाले दिनों में मानसून के और सक्रिय होने की संभावना जताई गई है। 

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