Edited By Ramanjot, Updated: 26 Mar, 2025 07:47 PM
बिहार के चार प्रमुख शहरों पटना, बिहारशरीफ, भागलपुर और मुजफ्फरपुर में स्मार्ट सिटी योजना के तहत अत्याधुनिक सीसीटीवी निगरानी तंत्र स्थापित किया गया है। इन शहरों में कुल 6,138 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिससे अपराध नियंत्रण और ट्रैफिक प्रबंधन में बड़े...
पटना: बिहार के चार प्रमुख शहरों पटना, बिहारशरीफ, भागलपुर और मुजफ्फरपुर में स्मार्ट सिटी योजना के तहत अत्याधुनिक सीसीटीवी निगरानी तंत्र स्थापित किया गया है। इन शहरों में कुल 6,138 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिससे अपराध नियंत्रण और ट्रैफिक प्रबंधन में बड़े पैमाने पर सुधार देखा जा रहा है। इस निगरानी प्रणाली की मॉनिटरिंग इंटीग्रेटेड कमांड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) से की जा रही है, जिससे न केवल अपराधियों की पहचान और गिरफ्तारी में मदद मिल रही है बल्कि यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर भी कार्रवाई की जा रही है।
141.85 करोड़ रुपये की चालान वसूली
तीसरी आंख यानी सीसीटीवी कैमरों की सहायता से अबतक कुल 141.85 करोड़ रुपये की चालान वसूली की गई है। राजधानी पटना की बात करें तो अक्टूबर 2024 से मार्च 2025 के बीच 97.45 करोड़ रुपये का चालान वसूला गया है जबकि बिहारशरीफ में इसी अवधि में 0.48 करोड़ रुपये की वसूली हुई है।
वहीं, सिल्क सिटी भागलपुर में नवंबर 2023 से फरवरी 2025 तक 22.68 करोड़ रुपये का चालान काटा गया। मुजफ्फरपुर में मई 2023 से 11 मार्च 2025 तक कुल 21.24 करोड़ रुपये की वसूली की गई है।
पटना में 3300 सीसीटीवी कैमरों से कड़ी निगरानी
राजधानी पटना में 3300 सीसीटीवी कैमरे लगाए गये हैं, जिससे शहर की पल-पल की गतिविधियों पर नज़र रखी जा रही है। 30 जगहों पर अनुकूली यातायात नियंत्रण (एटीसीएस), 30 स्थानों पर रेडलाइट जंप, 28 जगहों पर नंबर प्लेट पहचान सिस्टम, 12 स्पीड वॉयलेशन डिटेक्शन (एसवीडी) कैमरे लगाए गये हैं। शहर में 16 वेरिएबल मैसेज डिस्प्ले (वीएमडी) और 69 पब्लिक अनाउंसमेंट (पीए) भी लगाए गये हैं।
वहीं, अप्रैल 2023 से दिसंबर 2024 के बीच 85 करोड़ रुपये की चालान वसूली हुई है, जो इस प्रोजेक्ट की लागत से तीन गुना अधिक है।
भागलपुर में 1500 कैमरों से अपराधियों पर सख्त नज़र
वहीं, सिल्क सिटी भागलपुर की बात करें तो यहां 250 स्थानों पर 1500 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिससे चोरी, हत्या और अन्य आपराधिक मामलों की जांच में मदद मिली है। यहां आईसीसीसी योजना के तहत लगाए गये 1500 कैमरों की मदद से अपराधियों पर सख्त नजर रखी जा रही है। 16 जगहों पर एटीसीएस, 128 स्थानों पर लाल बत्ती उल्लंघन, 128 नंबर प्लेट पहचान, 64 एसवीडी लगाए गये हैं।
शहर में 20 जगहों पर इमरजेंसी कॉल बॉक्स के साथ 17 वीएमडी, 25 पीए, हवा गुणवत्ता और प्रदूषण जांच के लिए 5 एनवॉयर्नमेंटल सेंसर्स लगाए गये हैं। इस योजना से वर्ष 2023-24 में 22.68 करोड़ रुपये चालान वसूला गया है, जिससे राजस्व में 4 करोड़ रुपये की वृद्धि हुई है। वहीं, वर्ष 2024-25 में 18.26 करोड़ रुपये चालान वसूली से राजस्व में 2.88 करोड़ रुपये का इजाफा हुआ है।
चालान वसूली एवं राजस्व बढ़ोतरी
इस योजना से वर्ष 2023-24 में 22.68 करोड़ रुपये चालान वसूला गया है, जिससे राजस्व में 4 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई है। वहीं, वर्ष 2024-25 में 18.26 करोड़ रुपये की चालान वसूली से राजस्व में 2.88 करोड़ रुपये की वृद्धि हुई है।
बिहारशरीफ : कानून व्यवस्था और नागरिक सुरक्षा पर जोर
बिहार के एक और शहर बिहारशरीफ की बात करें तो यहां 494 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिससे कानून-व्यवस्था बनाए रखने और आम नागरिकों की सुरक्षा में सुधार हुआ है। शहर में 8 जगहों पर एटीसीएस, 9 जगहों पर लाल बत्ती उल्लंघन, 9 नंबर प्लेट पहचान सिस्टम लगाए गये हैं। इसके साथ ही एक्यूआई जांच के लिए 5 सेंसर्स और 10 आपातकालीन कॉल बॉक्स भी लगाए गये हैं। शहर में 7 वीएमडी और 15 पीए लगाए गये हैं।
मुजफ्फरपुर: स्मार्ट सिटी योजना से बढ़ी सुरक्षा
मुजफ्फरपुर में 844 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिससे अपराध और यातायात उल्लंघन पर सख्ती बरती जा रही है। 29 जगहों पर एटीसीएस, 29 स्थानों पर लाल बत्ती उल्लंघन, 29 ऑटोमेटिक नंबर प्लेट पहचान सिस्टम और 27 एसवीडी, 31 इमरजेंसी कॉल बॉक्स, 31 वीएमडी और 10 पीए लगाए गये हैं। अप्रैल 2023 से मार्च 2025 तक 21.24 करोड़ रुपये की चालान वसूली हुई है, जो इस प्रोजेक्ट की लागत का लगभग छठा भाग है।
गौरतलब है कि स्मार्ट सिटी योजना के तहत सीसीटीवी निगरानी प्रणाली ने अपराध नियंत्रण और ट्रैफिक प्रबंधन में प्रभावी योगदान दिया है। इस योजना से अपराधियों की धर-पकड़ आसान हुई है और राजस्व में भी बढ़ोतरी हुई है। बीते दो वर्षों में 141.85 करोड़ रुपये की चालान वसूली हुई है, जिससे साफ संकेत मिलता है कि यह पहल न केवल अपराध पर लगाम लगाने में कारगर है बल्कि शहरों को अधिक सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने में भी सफल हो रही है।